हाई कोर्ट ने हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन के चुनाव नतीजे घोषित करने पर लगाई रोक, दो सप्ताह में मांगा जवाब

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पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा फुटबाल एसोसिएशन के चुनाव को लेकर उठे विवाद में अहम अंतरिम आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि 13 जून 2026 को जारी चुनाव कार्यक्रम के तहत चुनाव प्रक्रिया तो पूरी की जा सकती है, लेकिन उसके परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे। अदालत ने मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय देते हुए सुनवाई 17 जुलाई तक स्थगित कर दी है।

जस्टिस त्रिभुवन दहिया की पीठ के समक्ष शैफाली नांगल की ओर से वरिष्ठ वकील अक्षय भान ने दलील दी कि हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन के प्रशासक ने मौजूदा सदस्यों, जिनमें याचिकाकर्ता भी शामिल हैं, को विश्वास में लिए बिना मनमाने ढंग से उपनियमों में संशोधन कर दिया। इन संशोधनों के कारण उन्हें मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया, जिससे वे चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से वंचित हो गए।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि 13 जून को चुनाव का कार्यक्रम जारी किया गया था। इसके खिलाफ याचिकाकर्ता और अन्य सदस्यों ने हरियाणा पंजीकरण एवं विनियमन सोसायटी अधिनियम, 2012 की धारा 39(4) के तहत जिला रजिस्ट्रार के समक्ष याचिका दायर कर सदस्यता सूची और चुनाव कार्यक्रम को अवैध घोषित करने की मांग की थी।

दलील के अनुसार, जिला रजिस्ट्रार ने 30 जून को नोटिस जारी करते हुए प्रशासक से तीन दिन में जवाब मांगा था और व्यापक जनहित का हवाला देते हुए चुनाव प्रक्रिया को 15 दिनों के लिए स्थगित रखने का निर्देश दिया था। हालांकि, उसी दिन एक अन्य आदेश पारित कर प्रशासक को अगले दिन दोपहर 12 बजे तक जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया।

याचिकाकर्ता को एक जुलाई को दोपहर 2:40 बजे ई-मेल के माध्यम से जवाब प्राप्त हुआ। इसके महज 17 मिनट बाद उन्होंने जिला रजिस्ट्रार को सूचित किया कि इतने कम समय में जवाब का अध्ययन कर प्रत्युत्तर दाखिल करना संभव नहीं है और उन्हें उचित अवसर दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद जिला रजिस्ट्रार ने उसी दिन याचिका खारिज कर दी।

हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि मामला प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन से जुड़ा है और याचिकाकर्ता को अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का अवसर नहीं मिला। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से पेश वकील को नोटिस स्वीकार करने की अनुमति देते हुए जवाब के लिए दो सप्ताह का समय दिया तथा केंद्र सरकार, फुटबॉल फेडरेशन और प्रशासक को भी नोटिस जारी किए। साथ ही स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक चुनाव कराए जा सकते हैं, लेकिन उनके परिणामों की अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी।

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