कांवड़ यात्रा 2026: रुड़की से ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से होकर दिल्ली जाएंगे भारी वाहन
कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार शहरवासियों और कांवड़ यात्रियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन पहली बार ऐसी व्यवस्था बना रहा है, जिसके तहत भारी वाहनों को रुड़की शहर और कांवड़ मार्ग से पूरी तरह दूर रखा जाएगा।
इसके लिए दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (इकोनामिक कारिडोर) का उपयोग किया जाएगा। सहारनपुर जिले के हलगोया क्षेत्र से जुड़ने वाले इस मार्ग के जरिए भारी वाहनों को सीधे दिल्ली की ओर भेजा जाएगा।
कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल रुड़की शहर और दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है।
लाखों कांवड़ यात्रियों के पैदल गुजरने के कारण यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए कठिन होता है। कई जगहों पर कांवड़ यात्रियों के मार्ग से ही वाहन गुजरते हैं। जिससे हादसों की भी आशंका रहती है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस बार नई रणनीति तैयार की है।
योजना के मुताबिक कांवड़ यात्रा के दौरान भारी वाहनों को रुड़की शहर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन वाहनों को ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली की ओर भेजा जाएगा।
यह मार्ग सहारनपुर जिले के हलगोया क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर से जुड़ता है और वहां से वाहन बिना कांवड़ मार्ग पर आए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
ग्रीन फील्ड एक्स्प्रेसवे पर ढाई घंटे में दिल्ली से देहरादून पहुंचते है। यह कारिडोर उप्र के कई जिलों से होकर निकलता है। ऐसे में उप्र के विभिन्न स्थानों के लिए भारी वाहनों को इस रास्ते से अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी रहेगी।
ऐसे में इस इकोनामिक कारिडोर को कांवड़ यात्रा में आने वाले भारी वाहनों के लिए इस्तेमाल करने की योजना है। रुड़की के सालियर में बाईपास बन रहा है।
यह बाईपास उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर के हलगोया से जुड़ रहा है। हलगोया से इकोनामिक कारिडोर निकल रहा है।
ऐसे में यातायात व्यवस्था के लिए इसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है। रुड़की तक इस मार्ग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इसे लेकर लगातार एनएचएआइ के अधिकारियों के संपर्क में है।
इसे लेकर शुक्रवार को एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने सीओ भगवानपुर सुमित पांडे, सीओ मंगलौर अभिनय चौधरी, यातायात निरीक्षक राजेंद्र नाथ और एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर परवेश शर्मा के साथ इस मार्ग का निरीक्षण किया।
एसपी देहात ने बताया कि कावंड़ यात्रा में शहर को भारी वाहनों से बचाने के लिए इस मार्ग प्रस्तावित किया गया है। निर्माण कार्य समय से पूरा होता है तो इस मार्ग का इस्तेमाल भारी वाहनों के लिए किया जाएगा।
यह होगा फायदा
- कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगभग समाप्त होगी।
- रुड़की शहर में जाम की समस्या कम होगी।
- कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ेगी।
- दिल्ली और देहरादून की ओर जाने वाले मालवाहक वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
- पुलिस को यातायात संचालन में आसानी होगी।
नासरन तक कांवड़ पटरी का भी निरीक्षण
शुक्रवार को एसपी देहात ने कांवड़ यात्रा को लेकर रुड़की से लेकर मंगलौर और नारसन तक कांवड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान बैरिकैट्स लगाने वाले प्वाइंट, संकेतक बोर्ड लगाए जाने वाले स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होने कहा कि सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। कांवड़ पटरी मार्ग पर कांवड़ यात्री चलते हैं। इसके चलते स्थानीय और बाहरी वाहन चालकों के लिए यह मार्ग कांवड़ यात्रा के दौरान पूरी तरह से बंद रहता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

