गोला प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात 22 हाथियों के झुंड ने हेसापोडा पंचायत के परसाडीह गांव में जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने बिशुन मुर्मू का कच्चा घर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
घटना के समय परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे। लेकिन हाथियों की आहट मिलते ही वे किसी तरह बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए। उनकी सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड देर रात गांव में पहुंचा और भोजन की तलाश में बस्ती की ओर बढ़ गया। सबसे पहले हाथियों ने बिशुन मुर्मू के घर को निशाना बनाया। इसके बाद गांव के ही ओमप्रकाश मुर्मू और सुखलाल मुर्मू के घरों के दरवाजे तोड़ दिए।
हालांकि इन दोनों परिवारों को समय रहते घर से बाहर निकल गए। हाथियों के गांव में प्रवेश करते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण अपने बच्चों और परिजनों के साथ जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग गए और पूरी रात भय के साये में गुजारी।
घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई। वन रक्षी नीलेश पोद्दार ने बताया कि क्षेत्र में 22 हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। गांव में उत्पात मचाने के बाद सभी हाथी परसा डीह जंगल में डेरा जमाए हुए हैं। विभाग की टीम लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों के पास जाने या उन्हें भगाने का प्रयास न करें। किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। वहीं ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा देने, हाथियों को आबादी से दूर खदेड़ने तथा प्रभावित गांवों में नियमित गश्त कराने की मांग की है। हाथियों के लगातार बढ़ते उत्पात से परसाडीह सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है।


