यस बैंक (YES Bank) के लिए एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। बैंक ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से फंड जुटाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है। बैंक द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उसे 850 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 8,100 करोड़ रुपये से अधिक) के ‘मीडियम टर्म नोट’ (MTN) प्रोग्राम की स्थापना के लिए नियामक मंजूरी मिल गई है।
इस खबर का असर बैंक के शेयरों पर देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को यस बैंक के शेयर -1.35% की गिरावट के साथ 22.7 रुपये (Yes Bank Share Price) के स्तर पर बंद हुए थे।
यस बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों (NSE और BSE) को भेजी गई एक सूचना में बताया कि उसे ‘इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (IFSC) लिमिटेड’ (India INX) और ‘NSE IFSC लिमिटेड’ (NSE IX) से “नो कमेंट्स लेटर” (No Comments Letter) प्राप्त हो गया है। यह पत्र बैंक द्वारा प्रस्तावित 850,000,000 डॉलर के मीडियम टर्म नोट प्रोग्राम की स्थापना के लिए एक आवश्यक प्रक्रिया थी, जिसे अब पूरा कर लिया गया है।
क्या है बैंक की योजना?
इस मंजूरी के बाद यस बैंक (Yes Bank) के लिए विदेशी मुद्रा में फंड जुटाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। ‘मीडियम टर्म नोट’ प्रोग्राम एक ऐसा वित्तीय ढांचा है जिसके माध्यम से बैंक समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से कर्ज (Debt) के रूप में पूंजी जुटा सकता है। बैंक ने इससे पहले 12 अगस्त 2026 को भी इस संबंध में प्रारंभिक जानकारी साझा की थी, जिसे अब अंतिम रूप दे दिया गया है।
Yes Bank ने अपनी फाइलिंग में कहा- “12 अगस्त, 2026 की हमारी सूचनाओं के सिलसिले में, आपको सूचित किया जाता है कि YES बैंक लिमिटेड (“बैंक”) को U.S.$ 850,000,000 के मीडियम टर्म नोट प्रोग्राम को शुरू करने के लिए इंडिया इंटरनेशनल एक्सचेंज (IFSC) लिमिटेड (“India INX”) और NSE IFSC लिमिटेड (“NSE IX”) से “नो कमेंट्स लेटर” मिला था।”
बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस प्रोग्राम से संबंधित ‘ऑफरिंग सर्कुलर’ (Offering Circular) अब इंडिया आईएनएक्स और एनएसई आईएफएससी की आधिकारिक वेबसाइटों पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। इसके अलावा, बैंक ने सेबी (SEBI) के नियमों का पालन करते हुए अपनी आधिकारिक वेबसाइट (www.yes.bank.in) पर भी इसके लिंक साझा किए हैं, ताकि निवेशक पूरी पारदर्शिता के साथ विवरण देख सकें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

