₹10886 करोड़ पहुंचा टाटा स्टील का मुनाफा, कलिंगनगर विस्तार पूरा; अब 40 MT क्षमता का लक्ष्य

 टाटा स्टील लिमिटेड की 119वीं वार्षिक आमसभा (AGM) गुरुवार को मुंबई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। इस बैठक में कंपनी ने आधिकारिक रूप से शेयरधारकों के समक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
एजीएम को संबोधित करते हुए टाटा संस और टाटा स्टील के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने बताया कि वैश्विक चुनौतियों और इस्पात उद्योग में सुस्ती के बावजूद टाटा स्टील ने उत्पादन, मुनाफे और रणनीतिक विस्तार के मोर्चे पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कंपनी अब हरित (Green), स्मार्ट और अधिक मजबूत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे और राजस्व में रिकॉर्ड बढ़त

चेयरमैन चंद्रशेखरन ने शेयरधारकों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के शानदार वित्तीय आंकड़ों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी की वित्तीय स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है:

  •     समेकित राजस्व: 6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹2.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
  •     ईबीआईटीडीए (EBITDA): 35 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹34,848 करोड़ रुपये रहा।
  •     शुद्ध मुनाफा (PAT): इसमें 243 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर ₹10,886 करोड़ रुपये हो गया।
  •     भारतीय बाजार का प्रदर्शन: घरेलू बाजार में कंपनी का राजस्व ₹1.40 लाख करोड़ रुपये और EBITDA ₹34,272 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिससे EBITDA मार्जिन सुधरकर 24% हो गया।
  •     कर्ज में कमी: कंपनी ने अपने शुद्ध कर्ज को घटाकर ₹80,144 करोड़ रुपये कर लिया है।
  •     रिकॉर्ड उत्पादन और लाभांश: इस अवधि में कंपनी ने 2.34 करोड़ टन क्रूड स्टील का रिकॉर्ड उत्पादन किया। बेहतर नतीजों को देखते हुए बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹4 प्रति शेयर लाभांश (Dividend) देने की सिफारिश की है।

कलिंगनगर विस्तार पूरा, भविष्य में 40 मिलियन टन क्षमता का लक्ष्य

भारत में विस्तार योजनाओं पर चर्चा करते हुए चेयरमैन ने बताया कि ओडिशा के कलिंगनगर संयंत्र में दूसरे चरण का विस्तार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही टाटा स्टील की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.1 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गई है।

कलिंगनगर इकाई की क्षमता 3 मिलियन टन से बढ़कर 8 मिलियन टन हो गई है, जहां देश का सबसे बड़ा ब्लास्ट फर्नेस और अत्याधुनिक कोल्ड रोलिंग मिल स्थापित की गई है। इससे ऑटोमोबाइल और रक्षा जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में कंपनी की पैठ बढ़ेगी।

कंपनी का आगामी लक्ष्य अपनी कुल उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 40 मिलियन टन करना है। इसी रणनीति के तहत बोर्ड ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) के टाटा स्टील में विलय को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा लुधियाना में 0.75 मिलियन टन क्षमता वाले इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस पर भी काम चल रहा है।

पोर्ट टैलबोट में ‘ग्रीन स्टील’ परियोजना शुरू

चेयरमैन ने वैश्विक परिचालन की जानकारी देते हुए बताया कि ब्रिटेन के पोर्ट टैलबोट में 1.25 अरब पाउंड की लागत से इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जो ब्रिटेन में कम-कार्बन वाले इस्पात उत्पादन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
वहीं, नीदरलैंड्स में कड़े पर्यावरणीय नियमों को देखते हुए कंपनी वहां की सरकार के साथ व्यवहार्य समाधान तलाश रही है और ऊर्जा सुरक्षा के लिए वेटनफाल कोजनरेशन पावर प्लांट का अधिग्रहण किया गया है।

860 से अधिक AI मॉडल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का कमाल

प्रौद्योगिकी और डिजिटलाइजेशन को भविष्य की ताकत बताते हुए चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा स्टील ने उत्पादन, सुरक्षा, गुणवत्ता और ऊर्जा दक्षता को बेहतर बनाने के लिए 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किए हैं।
कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म आशियाना और डिजीईसीए (DigiECA) का संयुक्त कारोबार 161% की भारी बढ़त के साथ ₹9,360 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

सुरक्षा और सीएसआर (CSR) प्रतिबद्धता

चेयरमैन ने दोहराया कि कार्यस्थल पर कर्मचारियों के लिए जीरो हार्म (शून्य नुकसान) की सुरक्षा संस्कृति उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, सामाजिक दायित्वों को निभाते हुए कंपनी ने वर्ष 2025-26 में ₹473 करोड़ रुपये की सीएसआर गतिविधियां संचालित कीं।
जिससे देश भर के 69 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। चंद्रशेखरन ने आश्वस्त किया कि टाटा स्टील हरित इस्पात उत्पादन और टिकाऊ बिजनेस मॉडल के साथ बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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