वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे और राजस्व में रिकॉर्ड बढ़त
चेयरमैन चंद्रशेखरन ने शेयरधारकों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के शानदार वित्तीय आंकड़ों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनी की वित्तीय स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है:
- समेकित राजस्व: 6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹2.32 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
- ईबीआईटीडीए (EBITDA): 35 प्रतिशत की छलांग लगाकर ₹34,848 करोड़ रुपये रहा।
- शुद्ध मुनाफा (PAT): इसमें 243 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर ₹10,886 करोड़ रुपये हो गया।
- भारतीय बाजार का प्रदर्शन: घरेलू बाजार में कंपनी का राजस्व ₹1.40 लाख करोड़ रुपये और EBITDA ₹34,272 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिससे EBITDA मार्जिन सुधरकर 24% हो गया।
- कर्ज में कमी: कंपनी ने अपने शुद्ध कर्ज को घटाकर ₹80,144 करोड़ रुपये कर लिया है।
- रिकॉर्ड उत्पादन और लाभांश: इस अवधि में कंपनी ने 2.34 करोड़ टन क्रूड स्टील का रिकॉर्ड उत्पादन किया। बेहतर नतीजों को देखते हुए बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹4 प्रति शेयर लाभांश (Dividend) देने की सिफारिश की है।
कलिंगनगर विस्तार पूरा, भविष्य में 40 मिलियन टन क्षमता का लक्ष्य
भारत में विस्तार योजनाओं पर चर्चा करते हुए चेयरमैन ने बताया कि ओडिशा के कलिंगनगर संयंत्र में दूसरे चरण का विस्तार सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही टाटा स्टील की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.1 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गई है।
कलिंगनगर इकाई की क्षमता 3 मिलियन टन से बढ़कर 8 मिलियन टन हो गई है, जहां देश का सबसे बड़ा ब्लास्ट फर्नेस और अत्याधुनिक कोल्ड रोलिंग मिल स्थापित की गई है। इससे ऑटोमोबाइल और रक्षा जैसे उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों में कंपनी की पैठ बढ़ेगी।
पोर्ट टैलबोट में ‘ग्रीन स्टील’ परियोजना शुरू
860 से अधिक AI मॉडल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का कमाल
सुरक्षा और सीएसआर (CSR) प्रतिबद्धता


