सिंगरौली: बरगवां क्षेत्र में मंगल पांडेय की प्रतिमा तोड़ने वाले अब तक बेखौफ, बढ़ते अपराधों के बीच दूसरे थाने की जुगाड़ में टीआई?

सिंगरौली। बरगवां थाना क्षेत्र इन दिनों लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। एक ओर क्षेत्र में चोरी, नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियों के बढ़ते मामलों को लेकर लोग चिंतित हैं, तो दूसरी ओर देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक मंगल पांडे की प्रतिमा खंडित होने के मामले में महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर थाना प्रभारी की कार्यशैली पर स्थानीय लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।

क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि बरगवां थाने से संभावित तबादले की अटकलों के बीच थाना प्रभारी किसी दूसरे थाने में पदस्थापना के प्रयास में जुटे हुए हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के कारण थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।

अनावरण से पहले ही खंडित मिली थी मंगल पांडे की प्रतिमा

बरगवां थाना क्षेत्र के बागाडीह स्थित प्राथमिक विद्यालय के समीप स्वतंत्रता संग्राम के महानायक मंगल पांडे की प्रतिमा स्थापित की गई थी। 26 मई को विधि-विधान के साथ प्रतिमा का अनावरण होना था, लेकिन उससे दो दिन पहले 24 मई को प्रतिमा खंडित अवस्था में मिलने से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।

घटना की जानकारी मिलते ही आकाश पांडेय अपने साथियों के साथ बरगवां थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोगों ने पुलिस पर भरोसा जताते हुए संयम बनाए रखा, ताकि जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आ सके। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि प्रतिमा दुर्घटनावश क्षतिग्रस्त हुई या किसी असामाजिक तत्व ने जानबूझकर उसे नुकसान पहुंचाया।

पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज तो किया, लेकिन जांच की गति को लेकर लोगों में असंतोष बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अब तक किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की जांच पर सवाल खड़े करता है।

बढ़ते अपराधों से लोगों में असुरक्षा का माहौल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरगवां थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके अलावा नशे का कारोबार और असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ती दिखाई दे रही हैं। लोगों का कहना है कि इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि थाना प्रभारी की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था मजबूत करने के बजाय संभावित स्थानांतरण को लेकर अधिक दिखाई दे रही है। हालांकि, इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मंगल पांडे देश की आजादी की लड़ाई के ऐसे अमर सेनानी हैं, जिनका नाम इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना केवल एक मूर्ति का टूटना नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा विषय माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी असामाजिक तत्व ने यह कृत्य किया है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, इस मामले को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े कई कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी बताई जा रही है। हालांकि, संबंधित संगठनों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

उठ रहे कई सवाल

  • आखिर मंगल पांडे की प्रतिमा खंडित होने की गुत्थी अब तक क्यों नहीं सुलझी?
  • क्या पुलिस जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है?
  • क्षेत्र में लगातार बढ़ते अपराधों पर प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा?
  • क्या पुलिस प्रशासन इन मामलों में जल्द कोई ठोस कार्रवाई करेगा?

इन सभी सवालों के जवाब का इंतजार केवल बागाडीह ही नहीं, बल्कि पूरे बरगवां क्षेत्र के लोग कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *