जून का आखिरी दिन दिल्ली-एनसीआर वासियों के लिए उमस भरी गर्मी लेकर आया, लेकिन जुलाई महीने के पहले दिन ही तड़के हुई हल्की बारिश ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी है। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह से आसमान में बदली छाई हुई है।
कब होगी मानसून की एंट्री?
गर्मी से परेशान लोग अब हल्की वर्षा नहीं, बल्कि झमाझम मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। विभाग ने मुताबिक, बस कुछ दिन और इंतजार के बाद मानसून की दस्तक से उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर में तीन-चार जुलाई तक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के जिलों में मानसून पहुंच सकता है। इससे पांच जुलाई तक बारिश के प्रबल आसार हैं।
उत्तराखंड, हिमाचल और UP में मानसून की एंट्री
मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में दस्तक दे दी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मानसून सक्रिय हो चुका है।
मौसम की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में तीन या चार जुलाई तक मानसून पहुंचने की संभावना है। इसके बाद वर्षा की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।
भीषण गर्मी और उमस से मिलेगी राहत
मौसम विभाग का अनुमान है कि आज बुधवार से बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है और हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है। पांच जुलाई तक रुक-रुक कर वर्षा होने के आसार बने हुए हैं। वर्षा होने के साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी।
विभाग के अनुसार पांच जुलाई तक अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगमन से भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि शुरुआती दिनों में बारिश के दौरान जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
इससे पहले, मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही और तेज धूप नहीं निकली, लेकिन हवा में नमी अधिक होने के कारण लोगों को दिनभर चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा। घर से बाहर निकलने वाले लोग पसीने से तरबतर नजर आए। दोपहर के समय बाजारों, बस स्टाप और प्रमुख चौराहों पर लोग छांव और ठंडी जगहों की तलाश करते दिखे।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जिससे उमस में कोई खास राहत नहीं मिली।


