सीआईए डबवाली ने गांव देसूजोधा हाल डबवाली के वार्ड नंबर तीन में श्री वैष्णो माता मंदिर के समीप रहने वाले गगनदीप अग्रवाल को 521 ग्राम हेरोइन समेत गिरफ्तार किया है। नशा तस्करी के तार सिरसा जेल, बठिंडा के रास्ते दुबई तक जुड़े हैं। शहर थाना पुलिस ने नशा तस्करी में संलिप्त बठिंडा तथा दुबई निवासी दो सगे भाईयों को नामजद किया है।
वीरवार को डीएसपी योगेश कुमार कटारिया ने शहर थाना में पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी सांझा की। डीएसपी के अनुसार सीआइए प्रभारी एसआइ राजपाल सिंह की टीम ने मुखबरी के आधार पर बुधवार शाम को गगनदीप को डबवाली के बठिंडा चौक से गिरफ्तार किया था।
अमृतसर से लेकर पहुंचा था डबवाली
वह बरामद हेरोइन को अमृतसर से बस में लेकर डबवाली पहुंचा था। नशीले पदार्थ को पिट्ठू बैग में रखा हुआ था। कटारिया ने दावा किया कि बरामद हुई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। इससे पूर्व गगनदीप पर पंजाब-हरियाणा में एनडीपीएस के नौ मामले दर्ज हैं।
आरोपित नशा करने का आदी है। फिर नशा तस्करी करने लगा। वह करीब 12 वर्षों से नशा तस्करी में संलिप्त है। वर्ष 2014 में पहला मामला बठिंडा जिले के रामा मंडी थाना में दर्ज हुआ था। उसके बाद वर्ष 2016 में पंजाब के ही थाना नइयांवाली में मामला दर्ज हुआ। वर्ष 2018 से वर्ष 2026 तक डबवाली शहर थाना में गगनदीप के खिलाफ आठ मामले दर्ज हो चुके हैं।
जेल से बाहर आते ही नशा तस्करी
डबवाली में एक करोड़ रुपये की हेरोइन बरामदगी के तार बठिंडा के रास्ते दुबई से जुड़े हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार आदतन नशा तस्कर गगनदीप को पिट एक्ट में जेल में बंद करवाया गया था। सिरसा जेल में उसकी मुलाकात बठिंडा की महेश्वरी कालोनी निवासी प्रिंस मित्तल के साथ हुई।
मित्तल भी एनडीपीएस मामले में जेल में बंद है। 27 मार्च को गगनदीप जेल से बाहर आया। उस दौरान मित्तल ने अपने दुबई में बैठे भाई फलेक्सी मित्तल के कंटेक्ट दिए थे। गगनदीप ने फलेक्सी मित्तल से संपर्क किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार फलेक्सी मित्तल ने गगनदीप को अमृतसर में एक जगह पर पहुंचाया। वहां से उसे हेरोइन मिली थी।
कुछ दिन पहले घर बेच दिया
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपित गगनदीप ने कुछ दिन पूर्व ही गांव देसूजोधा में स्थित अपना घर बेच दिया था। वह विवाहिता है, उसके दो बच्चे हैं। फिलहाल वह डबवाली के वार्ड नंबर तीन स्थित श्री वैष्णों माता मंदिर के समीप अपनी बहन के घर रहता था।


