मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी नार्थ-साउथ कारिडोर योजना के तहत देवरिया-कसया मार्ग को फोरलेन बनाने की परियोजना अब रफ्तार पकड़ने लगी है। शासन ने मंगलवार को परियोजना के लिए दूसरी किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इससे निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। वर्तमान में कसया की ओर गढ़रामपुर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है।
इस परियोजना को फरवरी 2026 में शासन से स्वीकृति मिली थी। उस समय पहली किस्त के रूप में 102 करोड़ 22 लाख 33 हजार रुपये जारी किए गए थे। इसमें से 27 करोड़ 22 लाख 33 हजार रुपये वित्तीय वर्ष 2025-26 में वन विभाग, बिजली विभाग और जल निगम को विभिन्न कार्यों के लिए उपलब्ध कराए गए। वन विभाग को पेड़ों की कटाई, बिजली विभाग को विद्युत पोल व तार शिफ्टिंग तथा जल निगम को पाइपलाइन स्थानांतरण के लिए धनराशि दी गई थी।शेष 75 करोड़ रुपये मार्च 2026 में समर्पित कर दिए गए थे। अब दूसरी किस्त मिलने के बाद परियोजना से जुड़े अन्य निर्माण कार्यों को गति मिलेगी। देवरिया-कसया मार्ग की कुल लंबाई 31.50 किलोमीटर है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 10 मीटर है, जिसे बढ़ाकर 15 मीटर किया जाएगा। फोरलेन सड़क में दोनों ओर 7.50-7.50 मीटर चौड़ी लेन बनाई जाएगी तथा बीच में दो मीटर चौड़ा डिवाइडर होगा।इससे देवरिया व कुशीनगर के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा तथा यात्रा का समय भी कम लगेगा। पटनवा घाट के सामने छोटी गंडक नदी पर नया पुल भी बनाया जाएगा। फोरलेन निर्माण के लिए सड़क के दोनों ओर स्थित लगभग 10.72 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि प्रभावित हो रही है। यह वन भूमि चैनेज 1.700 किलोमीटर से 27.500 किलोमीटर के बीच आती है।
वन विभाग ने महाल मंझरिया में सरयू नदी के किनारे सरकारी भूमि चिन्हित की है। इस भूमि को प्रतिपूरक वनीकरण के लिए वन विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के सहायक अभियंता अंकित वर्मा ने बताया कि मार्च में अवशेष 75 करोड़ रुपये की धनराशि को समर्पित कर दिया गया था। शासन ने 10 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी कर दी है।


