बिरसा मुंडा एयरपोर्ट (हुंडरू) हैथू-चंदाघासी-रिंग रोड (कोचबोंगा) पथ निर्माण परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर चंदाघासी मौजा के रैयतों ने मुआवजा राशि पर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को आवेदन देकर निर्धारित मुआवजे की राशि को बढ़ाने की मांग की है।
रैयतों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन अधिकार अधिनियम-2013 की धारा 26 के तहत बाजार मूल्य के आधार पर मुआवजा तय किया जाना चाहिए। चंदाघासी मौजा में जमीन का बाजार मूल्य करीब 8 से 10 लाख रुपये प्रति डिसमिल है, जबकि भू-अर्जन कार्यालय ने मुआवजा राशि मात्र 2.30 लाख रुपये प्रति डिसमिल निर्धारित की है।
ग्रामीणों ने कहा कि पड़ोसी मौजा हैथू में इसी तरह की जमीन के लिए करीब 6.50 लाख रुपये प्रति डिसमिल की दर तय की गई है। ऐसे में चंदाघासी मौजा की जमीन का मूल्यांकन इससे काफी कम करना उचित नहीं है।
उन्होंने अधिनियम की धारा 26 (ख) का हवाला देते हुए कहा कि निकटवर्ती क्षेत्र में स्थित समान प्रकृति की भूमि की औसत बिक्री कीमत को ध्यान में रखते हुए मुआवजा तय किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पहले से जारी मुआवजा निर्धारण को वापस लेकर कानून के प्रावधानों के अनुसार नए सिरे से राशि तय की जाए। मामले को लेकर प्रभावित रैयतों ने न्यायालय का भी रुख किया है, जो फिलहाल विचाराधीन है।
आवेदन में ग्रामीणों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। इसलिए सरकार की मंशा के अनुरूप ऐसा मुआवजा मिलना चाहिए, जिससे विस्थापित परिवार विकास प्रक्रिया में भागीदार बन सकें।


