मृतकों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनकी मौत के सटीक कारणों की जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत सीधे झटकों की वजह से हुई या अन्य कारणों से।

पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और गाड़ियों में रात बिताने को मजबूर लोग

कुमामोटो के आपदा प्रभावित इलाकों जैसे यात्सुशिरो और उकी शहरों में जमीनी हालात बेहद भयावह हैं। मुख्य सड़कें मुड़ चुकी हैं और उनमें गहरी दरारें आ गई हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

कई जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल ठप पड़े हैं और ईंधन की भारी किल्लत के कारण गैस स्टेशनों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई नागरिक ईंधन के इंतजार में अपनी गाड़ियों में ही रात बिताने को मजबूर हैं।

राहत शिविरों में शरण लेने को विवश सैकड़ों परिवार

उकी शहर के ओगावा जिले में स्थित एक नागरिक गतिविधि केंद्र को आपातकालीन राहत शिविर में बदल दिया गया है, जहां करीब 500 से ज्यादा बुजुर्गों, बच्चों और परिवारों ने शरण ली हुई है। शिविर के अंदर का नजारा बेहद भावुक करने वाला है।

शिविर में लोग फर्श पर मैट बिछाकर अपने सामान, कपड़ो और पानी की बोतलों के बीच रहने को मजबूर हैं। बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिविर के बाहर एक दर्जन से अधिक पोर्टेबल शौचालय लगाए गए हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने में जुटे हैं।