क्‍या रेल, क्‍या बस और क्‍या न‍िजी वाहन हर तय रास्‍ते से बाबा धाम की ओर पहुंचने की आतुरता एक द‍िन पूर्व से ही नजर आने लगी थी। रात से ही रेल‍िंंग में डेरा डाले आस्‍थावानों और कांवर‍ियों की एक ही मनौती, मनुहार और च‍िरौरी क‍ि ‘सम्‍हार रख‍िहा हे बाबा’ बाबा की नगरी का हर कोना और हर श‍िवालय आस्‍था से ओतप्रोत नजर आया तो बीएचयू व‍िश्‍वनाथ, मारकंडेय महादेव, त‍िलभांडेश्‍वर, रामेश्‍वर महादेव सह‍ित सभी प्रमुख श‍िवालय बोल बम से गूंजरे रहे।