सियासत ने बढ़ाई हवाई रफ्तार! राज्यसभा चुनाव के बाद रांची एयरपोर्ट पर उमड़ी रिकॉर्ड भीड़, 20 जून को नया रिकॉर्ड

झारखंड में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी का असर रांची एयरपोर्ट पर भी साफ दिखा। 18 जून को हुए मतदान से पहले और उसके बाद राजधानी आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।

खास बात यह रही कि 14 जून से ही यात्रियों का दबाव बढ़ना शुरू हो गया था, जबकि चुनाव समाप्त होने के अगले दिन 20 जून को एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई। एक जून से 29 जून, यानि 29 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि रांची एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

इस अवधि में 2.27 लाख से अधिक यात्रियों ने एयरपोर्ट से सफर किया, जबकि करीब 1502 विमानों का संचालन हुआ। बढ़ते यात्री भार ने एयरपोर्ट की सुविधाओं और यात्री प्रबंधन व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा दिया है।

रांची एयरपोर्ट प्रबंधन की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से 29 जून तक रांची एयरपोर्ट पर 1,508 विमानों का शेड्यूल तय था। इनमें से 1502 विमानों का वास्तविक आवागमन हुआ। इस दौरान कुल 2,27,351 यात्रियों ने हवाई यात्रा की।

इनमें 1,12408 यात्री रांची पहुंचे, जबकि 1,14,943 यात्रियों ने रांची से उड़ान भरी। राज्यसभा चुनाव ने रांची एयरपोर्ट की रफ्तार को और तेज कर दिया।

14 जून से शुरू हुई बढ़ोतरी, 18 जून के मतदान और 20 जून को दर्ज हुई सबसे बड़ी भीड़ यह साफ संकेत देती है कि राजधानी का एयरपोर्ट अब सिर्फ यात्रा का केंद्र नहीं, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का भी अहम गवाह बनता जा रहा है।

मतदान के दूसरे दिन सबसे ज्यादा भीड़

राज्यसभा चुनाव जैसे बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का असर सिर्फ विधानसभा या राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर हवाई यातायात पर भी पड़ता है। नेताओं, दलों के प्रतिनिधियों, मीडिया कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों की आवाजाही बढ़ने से एयरपोर्ट पर अतिरिक्त दबाव बनता है।

मतदान के दिन 18 जून को भी एयरपोर्ट पर सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हलचल रही। लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ 20 जून को दर्ज की गई, जब 8,361 यात्रियों ने एयरपोर्ट का उपयोग किया। यह संकेत देता है कि चुनावी गतिविधियों, राजनीतिक आवागमन और उससे जुड़े यात्रियों की वजह से एयरपोर्ट पर दबाव बढ़ा।

सबसे ज्यादा 13 जून को 8,353, 14 जून को 8,306, 19 जून 7403 और 20 जून को 8361 यात्रियों की आवाजाही हुई। यह आंकड़े बताते हैं कि चुनावी माहौल और यात्रा सीजन दोनों ने मिलकर एयरपोर्ट की रफ्तार बढ़ा दी।

29 दिनों के आंकड़े बताते हैं कि रांची एयरपोर्ट पर रोजाना औसतन 52 विमानों का संचालन हुआ। वहीं प्रतिदिन औसतन करीब 7,877 यात्रियों का आना-जाना दर्ज किया गया। कई दिनों में यात्रियों की संख्या आठ हजार से अधिक रही।

यात्रियों की संख्या में चार गुना बढोत्तरी

विमानों की संख्या लगभग स्थिर रहने के बावजूद यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी बताती है कि एक उड़ान में यात्रियों की औसत संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2014-15 में जहां इस एयरपोर्ट से करीब 6.5 लाख यात्री सालाना यात्रा करते थे, वहीं आज यह संख्या लगभग चार गुना बढ़कर 27 लाख तक पहुंच चुकी है।

रांची एयरपोर्ट झारखंड के प्रमुख शहरों को देश के बड़े महानगरों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। रोजगार, शिक्षा, इलाज, व्यापार और अब राजनीतिक गतिविधियों के कारण हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

एयरपोर्ट की कमाई में भी बढोतरी

रांची एयरपोर्ट का लाभ वर्ष 2023-24 में 49.21 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 64.60 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2025-26 में यह 87.56 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

रांची एयरपोर्ट के जून (1 से 29 जून) के आंकड़े

  • निर्धारित विमान: 1,508
  • वास्तविक विमान आवागमन: 1502
  • कुल यात्री आवागमन: 2,27,351
  • आगमन यात्री: 1,12,408
  • प्रस्थान यात्री: 1,14,943
  • प्रतिदिन औसत यात्री: लगभग 7,877

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