गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक कॉरिडोर: यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे, बदलेगी 22 जिलों की सूरत

गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक काॅरिडोर से व्यापार को नई उड़ान मिलेगी। यह काॅरिडोर रामपुर, स्वार, टांडा और बिलासपुर तहसील क्षेत्रों से गुजरेगा। स्थानीय लोगों को भी इसका व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने जिन 102 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है उनमें यह काॅरिडोर भी शामिल है।

मंगलवार को जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 690 करोड़ की जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, उनमें उन्होंने गोरखपुर-शामली इकोनॉमिक काॅरिडोर का विशेष जिक्र किया। कहा कि यह परियोजना पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को एक कर देगी।

रामपुर से निकल रहा यह काॅरिडोर गोरखपुर से सिलीगुड़ी को भी जोड़ेगा और शामली को पानीपत से जोड़कर विकास

रामपुर से निकल रहा यह काॅरिडोर गोरखपुर से सिलीगुड़ी को भी जोड़ेगा और शामली को पानीपत से जोड़कर विकास की प्रक्रिया को और मजबूती प्रदान करेगा। इसके निर्माण से क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा और नए अवसर पैदा होंगे।

इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित करना है। यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा।

फिलहाल उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे है। गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा और इसकी लंबाई 700 किलोमीटर होगी।

की प्रक्रिया को और मजबूती प्रदान करेगा। इसके निर्माण से क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा और नए अवसर पैदा होंगे।

इस एक्सप्रेसवे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित करना है। यह उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा।

फिलहाल उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे है। गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा और इसकी लंबाई 700 किलोमीटर होगी।

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