झरिया थाना क्षेत्र के अशोक रोड में बैंक लोन वसूली के नाम पर बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। खुद को एक बैंक का एजेंट बताने वाले पांच युवकों ने एक दुकानदार और उनकी पत्नी के साथ न केवल गाली-गलौज और अभद्रता की, बल्कि दुकानदार के साथ मारपीट किया।
मानसिक प्रताड़ना से पीड़ित दुकानदार सचिन केसरी को ब्रेन स्ट्रोक होने के कारण उनकी हालत गंभीर बताया जाता है। फिलहाल वह रांची के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। इस मामले में पीड़ित के बड़े भाई विनोद केशरी ने सोमवार को झरिया थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो कथित एजेंटों को हिरासत में ले लिया है।
लोन की किस्त के नाम पर दुकान में तांडव
बताया जाता है कि शनिवार पांच युवक खुद को एक बैंक का रिकवरी एजेंट बताकर अशोक रोड स्थित सचिन केसरी की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने लोन की एक माह का किस्त बकाया होने की बात कहते हुए सचिन और उनकी पत्नी के साथ बदसलूकी व गाली-गलौज शुरू कर दी।
जब दंपति ने इस अभद्र व्यवहार का विरोध किया, तो आरोपियों ने सचिन केसरी के साथ हाथपाई कर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल सचिन को तुरंत झरिया के एक अस्पताल ले जाया गया। उनकी स्थिति को देखते हुए चिकित्स ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया।
हमले के बाद भी नहीं थमी प्रताड़ना, फोन पर मिलीं धमकियां
पीड़ित परिवार का आरोप है कि मारपीट की घटना यहीं नहीं रुकी। इसके बाद उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घटना के अगले दिन रविवार काे पीड़ित परिवार के पास पांच से छह अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकी भरे फोन कॉल्स आए, जिससे पूरा परिवार खौफ में आ गया।
सोमवार को दो युवक दोबारा सचिन की बंद दुकान पर पहुंचे और वहां हंगामा करने लगे। स्थानीय दुकानदारों द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम रूपेश कुमार और जयप्रकाश तिवारी बताया। वे दोनों मोटरसाइकिल से आए थे। तब स्थानीय आक्रोशित लोगों ने उन्हें केला पट्टी के समीप पकड़ लिया। इसकी सूचना तुरंत झरिया थाना पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों कथित बैंक एजेंटों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर अपनी हिरासत में ले लिया। इस घटना के दौरान इलाके में घंटों तक अफरा-तफरी और गहमागहमी का माहौल बना रहा। पीड़ित के बड़े भाई विनोद केसरी ने बताया कि मेरे भाई की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
बैंक के नाम पर आए इन गुंडों ने हमारे पूरे परिवार को डराकर रख दिया है। पुलिस प्रशासन से मांग किया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। सभी दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो और हमारे परिवार को उचित सुरक्षा प्रदान की जाए। झरिया थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस बैंक से भी इन युवकों के संबंध और लोन रिकवरी के नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


