जिले के किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें पारंपरिक खेती के साथ लाभकारी उद्यानिकी अपनाने के लिए मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना (राज्य सेक्टर) लागू की गई है।
योजना के तहत इस वर्ष बेहजम, कुंभी, बिजुआ और पलिया विकास खंडों के सामान्य, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के किसानों को विभिन्न उद्यानिकी गतिविधियों का लाभ दिया जाएगा। विभाग ने पात्र किसानों से योजना का लाभ लेने की अपील की है।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक अनिल वर्मा ने बताया कि योजना का उद्देश्य किसानों को फल, सब्जी एवं अन्य बागवानी फसलों की वैज्ञानिक खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।
इसके अंतर्गत किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने, गुणवत्तापूर्ण पौध एवं अन्य उद्यानिकी गतिविधियों से जोड़कर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बदलते कृषि परिदृश्य में केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने के बजाय उद्यानिकी फसलों की खेती किसानों के लिए अधिक लाभकारी साबित हो रही है।
कम क्षेत्रफल में भी अधिक उत्पादन और बेहतर बाजार मूल्य मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। इसी उद्देश्य से सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता उपलब्ध करा रही है।
योजना का लाभ निर्धारित विकास खंडों के पात्र किसानों को विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार दिया जाएगा। लाभार्थियों का चयन निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। विभाग किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराएगा, जिससे वे आधुनिक विधियों से खेती कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक ने बताया कि इच्छुक किसान समय रहते उद्यान विभाग से संपर्क कर योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ाएं और बागवानी आधारित खेती को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं। विभाग का लक्ष्य जिले में उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार कर किसानों को टिकाऊ और लाभकारी कृषि से जोड़ना है।


