Vindhya Expressway संगम नगरी से सोनभद्र तक प्रस्तावित करीब 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। तीन तहसीलों सोरांव, हंडिया और फूलपुर के 73 गांवों में से 45 गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे के लिए भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने इसका प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा है।
गंगापार के तीन तहसील क्षेत्र से होकर जाएगा एक्सप्रेसवे
Vindhya Expressway गंगापार क्षेत्र की सोरांव तसहील के 23, फूलपुर के 24 और हंडिया के 26 गांवों होकर यह एक्सप्रेसवे गुजरेगा। इस समय प्रभावित गांवों में निर्माण के लिए भूमि के अधिग्रहण का खींचा जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी एक कार्य परियोजना परामर्शी संस्था को सौंपी गई है।
अधिग्रहण के लिए भूमि चिह्नित
संस्था ने सोरांव के 15, फूलपुर के 18 और हंडिया के 12 गांवों में सर्वे पूरा करके नक्शे तैयार कर लिए हैं। वह जमीनें भी चिह्नित कर ली गईं हैं, जिनका एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहण किया जाएगा। यूपीडा ने अब इनका प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन को भेजा है। जिला प्रशासन की ओर से तीनों तहसीलों को नक्शे उपलब्ध कराए गए हैं।
यूपीडा भूमि खरीद को सूचना गजट कराएगा
Vindhya Expressway अब तहसीलों की ओर से संबंधित जमीनों का सत्यापन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर तहसीलों के स्तर से संशोधन किया जाएगा। फिर उसका प्रस्ताव यूपीडा को भेजा जाएगा। इसके बाद यूपीडा भूमि की खरीद के लिए सूचना गजट कराएगा।
कई जिलों के लोगों को मिलेगा फायदा
यह विंध्य एक्सप्रेसवे सोरांव में गंगा एक्सप्रेसवे के पास जूड़ापुर दांदू से शुरू होगा। सोनभद्र में छत्तीसगढ़ की सीमा पर परसा टोला तक जाएगा। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज के अलावा मीरजापुर, वाराणसी, चंदौली सहित अन्य तमाम जनपदों को लाभ पहुंचाएगा। इसके अलावा यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश को मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से जोड़ेगा। इसके बनने से दिल्ली, पश्चिमी यूपी और विंध्य क्षेत्र के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।


