अकाल तख्त के समक्ष पेश होंगे AAP मंत्री-विधायक, भगवंत मान बोले- जो फैसला होगा, श्रद्धा से स्वीकार करेंगे

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को तलब किए जाने के मामले में अपना पक्ष सार्वजनिक किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट कहा कि पार्टी अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का सम्मान करती है।

इसलिए जिन मंत्रियों और विधायकों को बुलाया गया है, वे सभी निर्धारित समय पर श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित होंगे और मांगा गया लिखित जवाब भी सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी फैसला आएगा, उसे पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ स्वीकार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब नहीं किया गया है, इसलिए सरकार का पक्ष पार्टी के मंत्री और विधायक रखेंगे।

उन्होंने बताया कि कुछ मंत्रियों से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया है, जिसे वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सौंपेंगे। इस दौरान पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां भी उनके साथ मौजूद रहेंगे।

सीएम मान का दावा- वीडियो फर्जी

भगवंत मान ने उस कथित वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसे इस पूरे विवाद का आधार बताया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो फर्जी है और उसे कृत्रिम तरीके से तैयार किया गया है। उनके अनुसार वीडियो में मास्क तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में पूरा पत्र और संबंधित वीडियो श्री अकाल तख्त साहिब को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।उन्होंने कहा कि उनकी सरकार या पार्टी कभी भी श्री अकाल तख्त साहिब के साथ किसी प्रकार के टकराव की कल्पना भी नहीं कर सकती। उन्होंने दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और उसके प्रति पूरा सम्मान बनाए रखा जाएगा।

अनावश्यक विवाद बढ़ाया जा रहा

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर गुरुद्वारों के बाहर उनके विरोध में बोर्ड लगाए जा रहे हैं और उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को धार्मिक दंड सुनाया गया था, तब इस तरह का माहौल नहीं बनाया गया था। उनके अनुसार इस प्रकार की गतिविधियां अनावश्यक विवाद को बढ़ावा देती हैं।

भगवंत मान ने कहा कि पंथक एकत्रीकरण बुलाने का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास है और वह अपने अधिकारों के अनुसार ऐसा कर सकती है। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा में सबसे बड़ा सम्मान संगत को दिया गया है। उनका दावा था कि कई बार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रबंधित गुरुद्वारों में उनके खिलाफ बोर्ड लगाए गए, लेकिन वहां पहुंचने पर संगत ने उन्हें सम्मान दिया।

अमृतसर में बनेगा लव-कुश व माता जानकी का मंदिर

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अमृतसर में भगवान लव-कुश और माता जानकी के नाम पर एक भव्य मंदिर बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अमृतसर विश्व की सबसे पवित्र धार्मिक धरती में से एक है, जहां विभिन्न धर्मों के लोग और उनके प्रमुख धार्मिक स्थल मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण की विस्तृत रूपरेखा और अन्य जानकारियां बाद में साझा की जाएंगी।

अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल छोटे स्तर के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंची। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

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