रीता देवी ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावक चिंतित हैं और बच्चों का नामांकन निजी विद्यालयों में कराने को मजबूर हो रहे हैं। इससे सरकारी विद्यालय की स्थिति और दयनीय हो रही है। उन्होंने डीएसई से मांग की कि जनहित और बच्चों के भविष्य को देखते हुए उरैली राजकीय मध्य विद्यालय में कम से कम तीन सहायक अध्यापकों की शीघ्र पदस्थापना की जाए।