प्रखंड क्षेत्र के उरैली राजकीय मध्य विद्यालय में शिक्षकों की घोर कमी से बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। विद्यालय में 280 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन मात्र तीन शिक्षक ही पदस्थापित हैं।
शिक्षकों की कमी के कारण तीन तीन क्लास के बच्चों को एक ही कक्षा में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है। इस संबंध में विद्यालय के प्रबंधन समिति के आग्रह पर पंचायत समिति सदस्य रीता देवी ने शनिवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी रामजी कुमार और बीईईओ किशोर कुमार को आवेदन देकर विद्यालय में शिक्षकों की अविलंब पदस्थापना की मांग की है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में यहां से तीन शिक्षकों का स्थानांतरण दुसरे विद्यालय में कर दिया गया, बदले में एक भी शिक्षक का प्रतिनियोजित नहीं किया गया है। स्थानांतरण के बाद से स्वीकृत पद खाली पड़े हैं। शिक्षकों के अभाव में एक शिक्षक को एक साथ तीन कक्षाओं को संभालना पड़ रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं हो पा रहा है।
रीता देवी ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावक चिंतित हैं और बच्चों का नामांकन निजी विद्यालयों में कराने को मजबूर हो रहे हैं। इससे सरकारी विद्यालय की स्थिति और दयनीय हो रही है। उन्होंने डीएसई से मांग की कि जनहित और बच्चों के भविष्य को देखते हुए उरैली राजकीय मध्य विद्यालय में कम से कम तीन सहायक अध्यापकों की शीघ्र पदस्थापना की जाए।


