विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी को शनिवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में आजाद बिंद हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने जाते समय पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद सहनी ने योगी सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए कहा कि अब पीड़ितों से मिलना भी अपराध बना दिया गया है।
‘150 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया’
मुकेश सहनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका पहले से तय कार्यक्रम था और वे केवल पीड़ित परिवार से मिलकर उनका हालचाल जानना चाहते थे।
लेकिन प्रशासन ने उन्हें जौनपुर पहुंचने से करीब 150 किलोमीटर पहले ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती देखकर ऐसा लग रहा था जैसे किसी बड़े अपराधी को रोका जा रहा हो।
‘पीड़ित की बेटी 10 दिन से धरने पर बैठी है’
सहनी ने बताया कि आजाद बिंद हत्याकांड में पीड़ित परिवार की बेटी पिछले दस दिनों से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना और अनशन पर बैठी है।
उनका उद्देश्य परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में समर्थन देना था, लेकिन प्रशासन ने मिलने तक की अनुमति नहीं दी।
योगी सरकार पर साधा निशाना
वीआईपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में न्याय मांगने वालों को रोका जा रहा है, जबकि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ बताया।
‘दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो फिर आएंगे’
मुकेश सहनी ने कहा कि उनकी पुलिस अधीक्षक से बातचीत हुई है और उन्होंने दो दिनों के भीतर पीड़ित परिवार की मांगों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो वे दोबारा जौनपुर जाएंगे, चाहे उन्हें छुपकर ही क्यों न पहुंचना पड़े।
‘गरीब, पिछड़ों और दलितों को सिर्फ एनकाउंटर नहीं, न्याय भी चाहिए’
सहनी ने कमलेश बिंद के कथित फर्जी एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि गरीब, पिछड़े और दलित समाज के लोगों को केवल एनकाउंटर का सामना नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें भी समान न्याय मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून का राज तभी माना जाएगा जब दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
‘न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा’
मुकेश सहनी ने कहा कि वीआईपी पार्टी आजाद बिंद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने की हर कोशिश का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मुकेश सहनी को अंबेडकर नगर ले जाया गया।


