बिना Cybersecurity नहीं मिलेगी गाड़ी को मंजूरी, सरकार ने सॉफ्टवेयर अपटेड को लेकर जारी किए नए ड्राफ्ट

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने नए नियमों का एक ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत, पहली बार कुछ खास तरह की गाड़ियों के लिए Cybersecurity और सॉफ्टवेयर अपडेट मैनेजमेंट को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया जाएगा। इस कदम से भारत उस रेगुलेटरी स्टैंडर्ड की तरफ बढ़ रहा है जो यूरोपीय संघ, जापान और साउथ कोरिया में पहले से ही लागू है। इस नोटिफिकेशन में केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में दो प्रावधान- नियम 125-T और निमय 125-U जोड़ने का प्रस्ताव दिया गया है।

क्या हैं नए नियम?

नियम 125-T Cybersecurity से जुड़ा है। इसके तहत M, N या T कैटेगरी की ऐसी सभी गाड़ियां जिनमें कम से कम एक इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट लगी है उन्हें नए नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा, लेवल-3 ऑटोमेशन या उससे ऊपर की L7 कैटेगरी की गाड़ियों को भी भारत के घरेलू साइबर सुरक्षा मानक AIS-189 का पालन करना होगा।

इन सभी गाड़ियों के लिए एक साइबर सिक्योरिटी मैनेजमेंट सिस्टम बनाना जरूरी होगा। यह एक ऐसा तरीका है जिसके जरिए गाड़ी के पूरे जीवनकाल के दौरान सुरक्षा से जुड़े खतरों की पहचान की जाएगी और ठीक किया जाएगा।

सॉफ्टवेयर अपडेट के नियम

नियम 125-U सॉफ्टवेयर अपडेट से जुड़ा है। यह नियमों का दायरा ज्यादा बड़ा है और यह M,N,T,A और C कैटेगरी की गाड़ियों पर लागू होता है। इसके तहत AIS-190 मानक का पालन करना जरूरी होगा जो यह तय करेगा कि Software Update Management System के जरिए सॉफ्टवेयर अपडेट कैसे दिए जाएंगे और उन्हें कैसे ट्रैक किया जाएगा।

ये दोनों स्टैंडर्ड्स सिर्फ तब तक ही लागू रहेंगे जब तक कि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) अपने खुद के आधिकारिक नियम जारी नहीं कर देता। जैसे ही BIS के नियम आएंगे वे इनकी जगह ले सकेंगे।

वैश्विक नियमों की बराबरी

यह कदम भारत को United Nations के उस ढांचे के बराबर लाता है जिसके तहत European Union, जापान और साउथ कोरिया में गाड़ियों की मंजूरी के लिए CSMS और SUMS सर्टिफिकेशन पहले से ही जरूरी है। इन विदेशी बाजारों में पिछले कई सालों से साइबर सुरक्षा को गाड़ी की मंजूरी या टाइप-अप्रूवल के लिए अनिवार्य कंडिशन माना गया है न कि ऑप्शनल फीचर।

चरणों में होंगे नियम

इन नियमों को सभी गाड़ियों पर एक साथ लागू करने के बजाय उनके रिस्क के हिसाब से अलग-अलग स्टेप्स में लागू किया जाएगा। लेवल-3 ऑटोमेशन और उससे ऊपर की गाड़ियां, इनके लिए सबसे पहली डेडलाइन तय की गई है। नए मॉडलों के लिए अक्टूबर 2026 और मौजूदा मॉडलों के लिए अप्रैल 2027 की तारीख तय की गई है।

OTA अपडेट का नियम

इसके बाद OTA अपडेट की क्षमता रखने वाली गाड़ियों का नंबर आएगा जिनकी डेडलाइन बढ़ाकर अप्रैल 2028 और अक्टूबर 2028 की गई है। ऐसी बाकी सभी गाड़ियां जिनमें किसी भी तरह के सॉफ्टवेयर अपडेट की क्षमता है, उनके लिए अक्टूबर 2029 की डेडलाइन तय की गई है।

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