जिस पिता ने पाला-पोसा, उसी की मौत का सौदा कर बैठा बेटा, धनबाद में नौकरी की लालच में रची साजिश

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धनबाद जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीसीसीएल में नौकरी पाने की लालच में एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या कर डाली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई को बरोरा थाना क्षेत्र के चिटाही-बरोरा मार्ग के किनारे 58 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला था। शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरु की औऱ यह पता चला कि मृतक का नाम तुलेश्वर नोनिया है और वह बीसीसीएल के बरोरा कोलियरी में स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत थे। दो साल के बाद वह सेवानिवृत होने वाला थे।

प्रारंभिक जांच के पुलिस को पता चला कि उनकी हत्या पत्थर से सिर कूचकर की गई थी। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने चौंकाने वाला सच आया। मृतक के दूसरे बेटे विजय नोनिया ने ही अपने पिता की हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस के अनुसार, विजय ने अखिलेश मल्लाह और अमित सिंह को हत्या के बदले 10 लाख रुपये देने का वादा किया था और उसने एडवांस के तौर पर 1.25 लाख रुपये भी दिए थे। विजय नोनिया का प्लान यह था कि पिता की मौत के बाद उसे बीसीसीएल में अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल जाती।

विजय ने पुलिस को बताया कि वह तीन भाई हैं। उसके बड़े भाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में उसके पिता की मौत के बाद नौकरी उसे ही मिलती। इसी लालच में उसने यह खौफनाक कदम उठाया।

पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एस मोहम्मद याकूब ने बताया कि अपराधकर्मियों से पूछताछ करने पर तीनों ने हत्या में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया तथा गिरफ्तार अपराधी अखिलेश मल्लाह एवं अमित सिंह की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त खून लगा पत्थर, घटना में प्रयुक्त बाइक एवं खून लगे अभियुक्त के कपड़े इत्यादि बरामद किए गए।

गिरफ्तार अखिलेश मल्लाह मूल रूप से मुजफ्फरपुर (बिहार) के औड़ाय थाना के पटौरी गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह धनबाद के मधुबन के बुदोरा में रहता है। वहीं अमित कुमार सिंह भी बुदोरा का निवासी है। पुलिस के छापामारी दल में एसडीपीओ बाघमारा अजीत कुमार विमल के साथ अन्य पुलिस अधिकारी व जवान शामिल थे।

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