हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को दूसरा सेवा विस्तार मिलने की संभावना ने राज्य की नौकरशाही में नई चर्चाओं और संभावित प्रशासनिक समीकरणों को जन्म दे दिया है।
राज्य सरकार ने उनके सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। अब फैसला केंद्र के स्तर पर होना है कि उन्हें तीन माह का विस्तार दिया जाता है या फिर एक वर्ष का। यदि उन्हें एक और साल का सेवा विस्तार मिलता है तो वे जून 2028 तक मुख्य सचिव पद पर बने रह सकते हैं।
यह निर्णय केवल एक अधिकारी के कार्यकाल तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसका असर आने वाले वर्षों में हरियाणा के शीर्ष प्रशासनिक ढांचे पर पड़ सकता है। ऐसा होने पर हरियाणा में पहली बार किसी मुख्य सचिव को लगातार दूसरा सेवा विस्तार मिलेगा।
साथ ही अगले दो वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के लिए राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद तक पहुंचने की संभावनाएं भी काफी हद तक सीमित हो सकती हैं।
हरियाणा सरकार ने केंद्र के समक्ष प्रशासनिक निरंतरता को प्रमुख आधार बनाया है। सरकार का तर्क है कि डिजिटल प्रशासन, पेपरलेस रजिस्ट्री, निवेश परियोजनाएं, वित्तीय प्रबंधन, ई-गवर्नेंस तथा विभिन्न सुधार कार्यक्रमों के बीच नेतृत्व परिवर्तन से कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। सरकार के भीतर यह भी माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय को देखते हुए अनुराग रस्तोगी की भूमिका फिलहाल महत्वपूर्ण बनी हुई है।
दूसरी ओर, संभावित सेवा विस्तार का सबसे बड़ा प्रभाव उन वरिष्ठ अधिकारियों पर पड़ सकता है जिन्हें आने वाले समय में मुख्य सचिव पद के दावेदारों के रूप में देखा जा रहा था। 1990 बैच के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल इसी वर्ष 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे, जबकि इसी बैच की वरिष्ठ अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा जनवरी 2027 में रिटायर होंगी। परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू अगले माह जुलाई में सेवा से निवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में शीर्ष पद तक पहुंचने का अवसर इन अधिकारियों के लिए सीमित हो सकता है।
इसी बीच हरियाणा प्रशासन के सामने एक चुनौती भी दिखाई दे रही है। उपलब्ध सेवा अवधि के अनुसार वर्ष 2026 से जून 2028 तक हरियाणा कैडर और उससे जुड़े वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में 22 अधिकारी सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इनमें सुधीर राजपाल, डॉ. सुमिता मिश्रा, विनीत गर्ग, डॉ. जी अनुपमा, अनिल मलिक, एके सिंह, अभिलक्ष लिखी, अरुण कुमार गुप्ता, वी उमाशंकर, सुकृति लिखी, अनुराग अग्रवाल, डी सुरेश, संजय जून, गीता भारती, कुलवंत कुमार कलसन, जितेंद्र कुमार, अंजू चौधरी, नरहरी सिंह बांगड़, मनोज कुमार, शक्ति सिंह, वीरेंद्र कुमार दहिया, विवेक पदम सिंह और डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी शामिल हैं।
इनमें कई अधिकारी वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव, सचिव, प्रधान सचिव और प्रमुख विभागों के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में अनुराग रस्तोगी को दूसरा सेवा विस्तार मिलता है या नहीं, यह केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में हरियाणा की नौकरशाही के नेतृत्व, पदोन्नति क्रम और शीर्ष स्तर के शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय साबित हो सकता है।


