दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने राजधानी दिल्ली के परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। डीएमआरसी ने आज सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के लिए केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ आवासन और शहरी कार्य तथा बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा किया गया। उन्होंने औपचारिक बटन दबाकर नए कॉरिडोर के निर्माण की आधारशिला रखी।
इस नए निर्माण के बाद केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के एक बड़े और अनोखे ‘ट्रिपल इंटरचेंज’ स्टेशन के रूप में तब्दील हो जाएगा। वर्तमान में यहां केवल येलो लाइन और वॉयलेट लाइन आपस में मिलती हैं, लेकिन इस विस्तार के बाद नई मजेंटा लाइन भी इससे निर्बाध रूप से जुड़ जाएगी। यह अनूठी सुविधा लुटियंस जोन और उसके आसपास के प्रशासनिक जिलों में आने-जाने वाले हजारों यात्रियों, विशेष रूप से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बेहद मददगार साबित होगी।
यह पूरी तरह से एक भूमिगत कॉरिडोर होगा
परियोजना के अनुसार, इस पूरे कॉरिडोर की कुल लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी। यह पूरी तरह से एक भूमिगत कॉरिडोर होगा, जिसके तहत कुल 9 अंडरग्राउंड स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इन स्टेशनों में शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं। इन स्टेशनों के जुड़ने से दिल्ली के कई ऐतिहासिक और प्रशासनिक केंद्र सीधे मेट्रो नेटवर्क की जद में आ जाएंगे।
प्रमुख संस्थानों तक पहुंचना होगा आसान
यह महत्वाकांक्षी परियोजना नई दिल्ली के दिल यानी मुख्य प्रशासनिक और सांस्कृतिक क्षेत्र तक कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व रूप से मजबूत करेगी। इसके पूरा होने से देश के प्रमुख सरकारी कार्यालयों, न्यायिक संस्थानों, राष्ट्रीय स्मारकों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्रों (जैसे भारत मंडपम) तक पहुंचना बेहद सुगम और कुशल हो जाएगा। डीएमआरसी का यह कदम न केवल दिल्ली की शहरी गतिशीलता को सुधारेगा, बल्कि पूरे नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाते हुए लाखों यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाएगा।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री के साथ आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव तथा डीएमआरसी के अध्यक्ष कटीकिथला श्रीनिवास भी उपस्थित रहे। उनके अलावा दिल्ली मेट्रो के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। यह नया मेट्रो कॉरिडोर फेज 5(A) के तहत विकसित किया जा रहा है, जो मौजूदा मजेंटा लाइन के जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग तक के विस्तार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


