हरियाणा में अब वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न मामलों में गवाही देने के लिए अदालतों में नहीं जाना पड़ेगा। अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपने बयान दर्ज करवाएंगे। करनाल जिले से पायलट प्रोजक्ट शुरू हो गया है, जिसके सफल रहने पर चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
नई व्यवस्था में 100 प्रतिशत गवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी। करनाल में न्याय श्रुति नामक वीडियो कांफ्रेंसिंग प्लेटफार्म विकसित किया जा रहा है। संबंधित अधिकारी केवल ईमेल भेजकर जिला अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही दे सकेंगे।
इसका एक प्रारूप तैयार करके हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जरनल को भी भेजा गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही से अदालतों में सुनवाई की रफ्तार बढ़ेगी। सरकारी अधिकारियों का समय बचेगा और विभागीय कामकाज प्रभावित नहीं होगा।
प्रदेश में फिलहाल 70 प्रतिशत समन इलेक्ट्रानिक माध्यम से जारी हो रहे हैं, जिन्हें जल्द 100 प्रतिशत डिजिटल करने का लक्ष्य है। ई-साक्ष्य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए साक्ष्यों की डिजिटल रिकॉर्डिंग, टाइम स्टैंपिंग (किसी डिजिटल घटना, दस्तावेज या लेनदेन के सटीक समय और तारीख को रिकार्ड करने की प्रक्रिया) और सुरक्षित स्टोरेज सुनिश्चित किया जाएगा।


