हिमाचल में जम्मू निवासी की रैबीज से मौत की आशंका, दो महीने पहले काटा था कुत्ते ने; स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आशंका है कि व्यक्ति की मौत रैबीज के कारण हुई है। व्यक्ति को दो महीने पहले कुत्ते ने काटा था। व्यक्ति जम्मू का निवासी था व यहां मजदूरी करता था और नादौन उपमंडल की भद्रोल पंचायत के भलूं गांव में रहता था।

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

तीन दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत

करीब तीन दिन पहले उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। साथ रह रहे मजदूरों के अनुसार वह असामान्य व्यवहार करने लगे थे और उनकी हालत तेजी से खराब हो रही थी। उन्हें उपचार के लिए तुरंत नादौन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया। हालांकि टांडा पहुंचने के कुछ समय बाद ही उनकी मौत हो गई।

दो माह पहले काटा था कुत्ते ने

स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो माह पूर्व दर्शन कुमार को एक संदिग्ध अथवा पागल कुत्ते ने काट लिया था। बताया जा रहा है कि उन्होंने उपचार शुरू करवाया था, लेकिन चिकित्सकीय सलाह के अनुरूप टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं की। अब उनकी मौत के बाद रैबीज संक्रमण की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।

लोगों में दहशत

घटना के बाद एक और चिंता का विषय यह है कि मृतक के साथ काम करने वाले कुछ अन्य प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौट चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एहतियात के तौर पर इन लोगों की पहचान कर स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग भी उठाई है।

स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट

खंड चिकित्सा अधिकारी नादौन डॉ. राजेश भारद्वाज ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। मृतक के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श देने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति हाल के दिनों में मृतक के सीधे संपर्क में आया हो तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह ले। उन्होंने कहा कि किसी भी पशु के काटने की स्थिति में लापरवाही न बरतें और चिकित्सकों द्वारा निर्धारित वैक्सीनेशन का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें।

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