‘नेहरू की जिद और जिन्ना के कारण हुआ देश का विभाजन’; केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री का कांग्रेस पर तीखा हमला

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भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर एक बार फिर कांग्रेस और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों को निशाने पर लिया।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि देश का विभाजन कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति, नेहरू की जिद और मोहम्मद अली जिन्ना की मांगों का परिणाम था।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद भी कांग्रेस की नीतियों ने देश की एकता और अखंडता को चुनौती दी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए संघर्ष किया।

इसके लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया था।

अनुच्छेद 370 हटाने को बताया मुखर्जी के सपनों की पूर्ति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचारों को वास्तविक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आगे बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने संसद में प्रस्ताव लाकर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त किया और देश में समान संवैधानिक व्यवस्था लागू की।

उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका का भी उल्लेख करते हुए कहा कि संसद में इस ऐतिहासिक निर्णय को सफलतापूर्वक लागू किया गया।

बंगाल की राजनीति को भी जोड़ा

अपने बयान में नित्यानंद राय ने पश्चिम बंगाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश के विभाजन के दौर में बंगाल के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

उनके प्रयासों के कारण ही पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बना रहा। वरना इसे भी बांग्‍लादेश को देने की सा‍ज‍िश रची गई थी। उन्‍होंने पश्चिम बंगाल की जनता के प्रति आभार जताया कि आज वहां भाजपा की सरकार है।

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