डस्टबिन खुद बुलाएगी सफाईकर्मी, नोएडा में शुरू हुई देश की पहली स्मार्ट कचरा व्यवस्था; कैसे काम करेगी ये तकनीक?

नोएडा प्राधिकरण शहर में कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई बड़े बदलाव करने जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है, ताकि वह सड़क पर किसी भी प्रकार का कचरा न फेंकें। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीकी से लैस कचरा पेटियों (डस्टबिन) की व्यवस्था की जाएगी।

जैसे ही इन डस्टबिन में कचरा भर जाएगा, कंट्रोल रूम में घंटी बजने लगेगी। इससे प्राधिकरण का जन स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो जाएगा और कचरा कलेक्शन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था देश में पहली बार नोएडा में लागू की जा रही है। प्रथम चरण में इसे सार्व जनिक शौचालयों पर लागू किया जाएगा।

प्राधिकरण ने शहर में 320 सार्वजनिक शौचालयों की स्थापना की है, जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत संचालित हो रहे हैं। इस माॅडल की सराहना करते हुए मिनिस्ट्री आफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स (महुआ) ने अन्य नगर निगमों को भी इसे अपनाने की सलाह दी है।

जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन डस्टबिन को शौचालयों के बाहर स्थापित किया जाएगा, जो जीपीएस और सेंसर से युक्त होंगे। इनकी मानिटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी) द्वारा की जाएगी, जहां डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की सभी गाड़ियों की निगरानी होती है।

हालांकि नियमित डस्टबिन की सफाई और कचरा कलेक्शन का कार्य जारी रहेगा। यदि डस्टबिन में कचरा भर जाता है और कंट्रोल रूम पर घंटी बजती है, तो कचरा उठाने वाली गाड़ी मौके पर पहुंचकर डस्टबिन से कचरा हटा देगी। इससे सड़क पर कचरा फेंकने वालों को रोका जा सकेगा।

शहर की जनसंख्या के अनुसार, वर्तमान में साढ़े छह लाख की आबादी के लिए डोर टू डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा था। नई जनगणना के अनुसार, लगभग पांच लाख मकान और 14.5 लाख की आबादी सामने आई है। इस बदलाव के चलते कचरा कलेक्शन के लिए नए नियमों के तहत कार्ययोजना बनाई जाएगी। कम से कम दो टेंडर जारी किए जाएंगे, जिससे गली, गांव, सेक्टर, सोसायटी और बाजारों में कचरा एकत्र करने का कार्य किया जाएगा।

जनगणना के बाद शहर की स्थिति

  • नई जनगणना के हिसाब से करीब पांच लाख मकान
  • नई जनगणना के हिसाब से करीब आबादी 14.5 लाख
  • पुरानी जनगणना के हिसाब से करीब दो लाख मकान
  • पुरानी जनगणना के हिसाब से शहर की आबादी 6.5 लाख

शहर में शौचालयों की स्थिति

  • पब्लिक टाॅयलेट : 117
  • कम्यूनिटी टाॅयलेट : 67
  • पिंक टाॅयलेट : 16
  • यूरिनल ब्लाॅक्स : 120

“तमाम फाइव स्टार व थ्री स्टार होटल्स में अत्याधुनिक शौचालय तैयार किए गए है, नोएडा में भी सड़क किनारे लग्जरी टायलेट की सुविधा उपलब्ध कराया जा रही है। ऐसे में अत्याधुनिक तकनीकी से लैस डस्टबिन को शौचालयों के बाहर लगवाजाएगा, जिसमें कचरा डालने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। वैसे अधिकांश शौचालय उन्हीं जगहों पर बने है, जहां पर वेंडिंग जोन बाजार,आम जनमानस के आने जाने के पर्याप्त स्थान है।”

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