चित्रकूट के आयुष हत्याकांड में फरार चल रहे दो और बदमाश गिरफ्तार, 15-15 हजार का इनाम था घोषित

 बहुचर्चित आयुष केसरवानी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब पांच माह से फरार चल रहे 15-15 हजार रुपये के इनामी दो आरोपितों को मऊ पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर अपहरण और फिरौती के लिए रची गई साजिश में शामिल होने का आरोप है।

पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक मऊ श्रीप्रकाश यादव और उनकी टीम ने प्रयागराज थाना घूरपुर क्षेत्र स्थित उभारी करमा गांव से नौशाद अंसारी और इरशाद अंसारी को गिरफ्तार किया। दोनों सगे भाई हैं और इन पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

आक्रोशित लोगों ने कई घंटे झांसी-मीरजापुर हाईवे को किया था जाम

गौरतलब है कि 22 जनवरी 2026 को बरगढ़ कस्बे के रहने वाले अशोक केसरवानी के 13 वर्षीय पुत्र आयुष केसरवानी उर्फ छोटू का अपहरण कर 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। फिरौती की रकम न मिलने पर आरोपितों ने उसकी हत्या कर दी थी। शव मिलने के बाद आक्रोशित लोगों ने कई घंटे झांसी-मीरजापुर हाईवे पर जाम लगाया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मुख्य आरोपित इरफान अंसारी और कल्लू उर्फ साहिबे इमाम की संलिप्तता उजागर की थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई मुठभेड़ में इरफान और कल्लू घायल गुए थे। अस्पताल में कल्लू की मौत हो गई थी।

सभी आरोपियों पर होगी कठोर कार्रवाई

इरफान को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना में इरफान के भाई नौशाद और इरशाद के नाम भी षड्यंत्र में शामिल होने के रूप में सामने आए। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपित लंबे समय से फरार चल रहे थे।

मुखबिर की सूचना पर उनके घर के पास दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। दोनों के खिलाफ अपहरण, हत्या, फिरौती और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है। एसपी का कहना है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल सभी आरोपितों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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