अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) रामविलास सिंह ने हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 15 हजार रूपये अर्थदंड आरोपित किया है।
महरुआ के रामपट्टी में रामरती के घर 20 सितंबर 2014 को सुलतानपुर के दोस्तपुर के दूल्हापुर निवासी रामदेव वर्मा, श्रीपति व विजय प्रकाश आए थे। सुबह श्रीपति नित्यक्रिया के लिए खेत की तरफ गए थे। काफी देर तक वापस नहीं आए तो सभी लोग खोजबीन करने लगे।
खेत के पास भीटी के दिलावरपुर का गोली उर्फ श्रीप्रकाश खून से सराबोर होकर दक्षिण दिशा की तरफ भाग रहा था। सभी लोग ट्यूबवेल के पास गन्ने के खेत में गए तो देखा खून पड़ा था। पूछने पर गांव के मुनिराम ने बताया कि वह कह रहा था किसी से बताना मत श्रीपति का काम तमाम कर दिए हैं।
आगे बढ़कर देखा तो श्रीपति की लाश गन्ने के खेत में पड़ी थी। रामदेव वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के उपरांत पुलिस ने आरोप पत्र प्रेषित किया।
सत्र परीक्षण के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुभाष चंद्र वर्मा ने गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराते हुए आरोपित को सजा दिए जाने का तर्क प्रस्तुत किया।
सुनवाई के उपरांत न्यायाधीश ने आरोपित गोली उर्फ श्रीप्रकाश पर हत्या के आरोप में दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।


