भागलपुर में किराना स्टोर में जा घुसा बालू लदा ट्रक, खनन विभाग ने लगाया ₹9.30 लाख का जुर्माना

 हबीबपुर थाना क्षेत्र के दाउदचक में रविवार को एक बालू लदा ओवरलोड ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक किराना स्टोर में जा घुसा। इस घटना से वहां अफरातफरी मच गई और दुकान को काफी नुकसान हुआ।

स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए, जबकि ट्रक चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। पुलिस को सूचना मिलने पर उन्होंने ट्रक को जब्त कर लिया।

हबीबपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। ट्रक बांका जिले के अमरपुर का है और इसमें अवैध रूप से बालू लादा गया था, जिसकी जांच की जा रही है।

वाहन मालिक का पता लगाया जा रहा है और केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। खनन विभाग ने ट्रक मालिक पर नौ लाख 30 हजार का जुर्माना लगाया है।

अवैध खनन पर गंभीर सवाल

हबीबपुर में बालू लदे ट्रक की दुर्घटना ने अवैध खनन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह ट्रक बांका जिले से बालू लोड कर भागलपुर की ओर आ रहा था। हादसे में चालक और खलासी घायल हुए, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस की त्वरित कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

ट्रक मालिकों का आरोप है कि ट्रक पर अवैध रूप से बालू लोड था और 30 मार्च के बाद इसका कोई चालान नहीं कटा है। ट्रक मालिकों ने कहा कि ट्रक में जीपीएस लगा होता है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि ट्रक ने 30 मार्च के बाद कितने फेरे लिए हैं।

खनन विभाग ने राज्यभर में बालू लदे ट्रकों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य किया है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बालू किस घाट से लोड किया गया और लोडिंग का समय क्या था।

बांका और भागलपुर जिले के लिए एक ही खनन पदाधिकारी होने के कारण यह सवाल उठता है कि रजौन और अमरपुर थाना क्षेत्रों से कथित रूप से अवैध खनन कर बालू बिना चालान के भागलपुर कैसे पहुंच रहा है।

ट्रक मालिकों का कहना है कि वैध चालान के साथ क्षमता अनुसार बालू ढुलाई करने पर बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है, जबकि चोरी के बालू से बाजार दर प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यदि ट्रक में बिना चालान बालू पाया जाता है, तो उसे जब्त कर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए। खनन विभाग के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा जा रहा है कि चोरी के बालू के मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

इसके बावजूद दुर्घटना के करीब 12 घंटे बाद तक स्पष्ट कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक शिथिलता को दर्शाता है। इसके अलावा, यह भी आरोप है कि 30 मार्च के बाद से संबंधित ट्रक पर कोई वैध चालान जारी नहीं किया गया है।

सामान्य मामलों में छोटी दुर्घटनाओं पर भी पुलिस कड़ी कार्रवाई करती है, लेकिन इस मामले में देरी ने संदेह को और गहरा कर दिया है। ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अवैध खनन और बालू परिवहन पर रोक लगाने के लिए सख्ती जरूरी है।

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