पहले दरोगा की नौकरी छोड़ी, फिर बनीं टीचर; अब खगड़िया की रागिनी कुमारी ने क्रैक की BPSC, बनीं RDO

 खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत लगार गांव की बहू और बीपीएससी शिक्षिका रागिनी कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। रागिनी कुमारी का चयन ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) के महत्वपूर्ण पद पर हुआ है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके मायके सलारपुर (नवगछिया/भागलपुर) और ससुराल लगार में खुशी और गर्व का माहौल है।

बचपन से मेधावी रहीं रागिनी, खाकी को कह चुकी हैं अलविदा

रागिनी कुमारी बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रही हैं। अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत उन्होंने सबसे पहले बिहार पुलिस में दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) की प्रतिष्ठित नौकरी हासिल की थी। हालांकि, प्रशासनिक सेवा में जाने के अपने बड़े सपने और शिक्षा के प्रति लगाव के कारण उन्होंने कुछ समय बाद दरोगा के पद से इस्तीफा दे दिया। खाकी का मोह छोड़कर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का एक बड़ा और साहसिक निर्णय लिया।

+2 शिक्षिका से ग्रामीण विकास पदाधिकारी (RDO) बनने तक का सफर

दरोगा की नौकरी छोड़ने के बाद रागिनी ने हार नहीं मानी और बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने +2 स्कूल में शिक्षिका के रूप में योगदान देकर बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए और अपने पति हर्ष देव राय (जो स्वयं मध्य विद्यालय शेर में प्रधानाध्यापक पद पर कार्यरत हैं) के सहयोग से उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। निरंतर अध्ययन और कठिन परिश्रम के दम पर आखिरकार उन्होंने बीपीएससी परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हुए RDO का पद हासिल कर लिया।

युवाओं और महिला अभ्यर्थियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत

रागिनी की इस शानदार कामयाबी पर उनके परिजनों, शुभचिंतकों और पूरे क्षेत्रवासियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। एक गृहणी, शिक्षिका और मां की जिम्मेदारियों को संभालते हुए रागिनी ने जिस तरह इस मुकाम को पाया है, वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, विशेषकर महिला अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत बन गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *