मनाली-लेह हाईवे पर बाढ़ आ गई। इस कारण पर्यटक काफी देर तक फंसे रहे। मनाली से लगभग 100 किमी दूर जिसपा नाले में लगातार बाढ़ आ रही है। दोपहर दो बजे से रात 12 बजे तक नाले में पानी बढ़ रहा है, जिस कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। जिसपा से 15 किमी आगे जिंगजिंगबार नाले में भी लगातार बाढ़ आ रही है। प्रशासन ने पर्यटकों के लिए सफर को लेकर एडवायजरी जारी की है।
दोपहर बाद उफान पर नाले
मनाली-लेह मार्ग पर सफर करने वाले वाहन चालकों की दिक्कत बढ़ गई है। लाहुल स्पीति जिला में सफर करने से पहले समस्त जानकारी जुटा लें। इन नालों को सुबह सवेरे ही सुरक्षित आर पार कर सकते हैं। दोपहर बाद यह नाले बिना बारिश के उफान पर आ रहे हैं।
मनाली में झमाझम बारिश
दूसरी ओर पर्यटन नगरी मनाली में गत रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। जुलाई महीना शुरू होते ही मौसम ने करवट बदल ली है। समस्त मनाली घाटी में सुबह ही धुंध छा गई। पर्यटक बारिश के बीच अटल टनल होते हुए लाहुल स्पीति सहित लेह लद्दाख का रुख कर रहे हैं। लाहुल स्पीति में भी बादल छाए हैं, लेकिन अभी बारिश का क्रम शुरू नहीं हुआ है। घाटी में बिना बारिश के नाले उफान पर हैं।
बारिश ने ठंडा किया पर्यटन कारोबार
जुलाई महीना शुरू होते ही पर्यटन नगरी मनाली में पर्यटन कारोबार भी ठंडा हो गया है। हालांकि अन्य राज्यों से पर्यटकों का आना जारी है, लेकिन वाहनों की संख्या में कमी आई है। अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक वाहनों का आंकड़ा कुछ हो दिनों में 3500 से घटकर 2200 रह गया है।
होटलों में ऑक्यूपेंसी भी घटकर 70 प्रतिशत रह गई है। होटल कारोबारी विम्पी, विनीत, अजय, रमेश व दीपक का कहना है कि अब सप्ताहांत में ही पर्यटन कारोबार रफ्तार पकड़ेगा। उन्होंने बताया कि जुलाई महीना शुरू होते ही बारिश का क्रम शुरू हो गया है जिस कारण पर्यटन कारोबार भी ठंडा हो गया है।
बरसात पर निर्भर है पर्यटन कारोबार
होटलियर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने कहा कि मनाली का पर्यटन कारोबार अब बरसात पर निर्भर है। हालात सामान्य रहते हैं तो 15 से 20 जुलाई तक पर्यटन कारोबार बेहतर रहेगा।
प्रशासन की एडवायजरी
लाहुल स्पीति प्रशासन ने पर्यटकों से हालात देखकर ही सफर करने की सलाह दी है। उपायुक्त लाहुल स्पीति किरण भड़ाना ने कहा कि घाटी में बिना बारिश के नाले उफान पर हैं। उन्होंने पर्यटकों से आग्रह किया कि समस्त जानकारी जुटाने के बाद ही सफर पर निकलें। उन्होंने ट्रैकरों से भी आग्रह किया कि फिलहाल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाएं।


