साइबर थाना पुलिस ने बीमा पालिसी के 60 लाख रुपये से अधिक हड़पने वाला गिरोह पकड़ा है। हरिद्वार की रहने वाली महिला के नाम जारी किए गए बीमा पालिसी के चेक को फर्जीवाड़ा कर भुगतान करा लिया गया।
इस खेल में यूपी सहित गुरुग्राम तक नेटवर्क जुड़ा मिला है। पुलिस ने सैलून संचालक, पीएनबी कर्मी समेत झोलाछाप को दबोचा है।
रविवार को पत्रकार वार्ता में एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ ने बताया कि हरिद्वार के भेलपुरी रानीनगर निवासी महिला सुमन लता ने 30 जुलाई 2019 को बजाज जीवन बीमा पालिसी से सवा तीन करोड़ रुपये का बीमा कराया था। जिसमें 10 लाख रुपये प्रतिवर्ष राशि जमा कराया गया। लगभग तीन वर्ष तक बीमा राशि जमा होने के बाद महिला ने पालिसी को बंद करा दिया तथा कंपनी से अपनी अंतिम (मैच्योरिटी) राशि मांगी थी। इस पर बीमा कंपनी ने सुमन लता के नाम 60.37 लाख रुपये का चेक बनाकर ब्लू डार्ट कुरियर कंपनी से भिजवा दिया, लेकिन चेक महिला तक नहीं पहुंचा।
इसकी बजाज कंपनी के अधिकारी ने तीन दिन पूर्व एसएसपी संजय कुमार वर्मा से मिलकर शिकायत दी थी। मामले की साइबर क्राइम थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने जांच की। जांच में सामने आया कि गुरुग्राम के जालसाज गिरोह के माध्यम से चेक को बीच रास्ते में हड़प लिया गया। इसके बाद गुरुग्राम के गिरोह के सदस्य केडी ने सुजड़ू की पीएनबी शाखा के चतुर्थ श्रेणी कर्मी चरथावल के बिरालसी गांव के रामभूल से संपर्क कर सुमन लता नाम की महिला खाताधारक खोजी।
चरथावल में एक गैस एजेंसी संचालक के माध्यम से बिरालसी निवासी सैलून संचालक प्रवीण कुमार से संपर्क किया गया। प्रवीण की पत्नी सुमन के सभी दस्तावेज सुमनलता के नाम कराकर उसके बिरालसी पीएनबी खाते में भी नाम परिवर्तन कराया गया। इस काम में उसका सहयोग चरथावल के शेखजादगान के झोलाछाप दिलशाद ने दिया।
गिरोह ने मिलकर बैंक के माध्यम से 40 लाख रुपये अभि ठेकेदार, 10 लाख रुपये लोकेंद्र और 37 हजार रुपये दिलशाद के खाते में भेजे गए, 10 लाख रुपये की नकद निकासी की। रविवार को पुलिस ने दबिश देकर आरोपित सैलून संचालक प्रवीण कुमार, झोलाछाप दिलशाद और बैंक कर्मी रामभूल को गिरफ्तार कर लिया।
गैस एंजेसी संचालक समेत कई की जांच
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि इस गिरोह की कुंडली गुरुग्राम समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी निकल रही है। बीमा पालिसी की राशि हड़पने का नेटवर्क गुरुग्राम से चलाए जाने की आशंका है। चरथावल के एक गैस एजेंसी संचालक की भूमिका भी संदिग्ध निकली है। यह संचालक आरोपित प्रवीण कुमार का सहयोगी है। ब्लू डार्ट कुरियर के कर्मचारियों समेत कई लोगों की जांच की जा रही है।
हरिद्वार की महिला के नाम जारी हुआ था चेक, फर्जीवाड़ा कर भुगतान कराया


