दवा व्यापारी के पुत्र और मेडिकल स्टोर संचालक का ब्रेनवाश करते हुए जबरन मतांतरण कराने वाली युवती समेत उसके परिवार के सात लोगों और तीन मौलवियों समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों ने फर्जी निकाहनामा बनवाकर ब्लैकमेल करते हुए रुपये भी वसूले हैं। पीड़ित पिता ने बताया कि आरोपित अब उनके परिवार पर भी मतांतरण का दबाव बना रहे हैं। मुस्लिम न बनने पर हत्या की धमकी दी जा रही है।
स्वामी यशवीर ने गुरुवार के वीडियो प्रसारित कर मुद्दा उठाया था कि शामली के दवा व्यापारी देवराज मलिक के पुत्र आयुष मलिक को एक मुस्लिम युवती ने प्रेमजाल में फंसाया और मौलवी से ब्रेनवाश कराकर उसका मतांतरण कराया। अब परिवार पर भी मतांतरण का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने शनिवार को वीडियो प्रसारित कर 12 जून को मुस्लिम परिवार के घर के बाहर धरने की चेतावनी दी थी।
शनिवार को इस प्रकरण में देवराज मलिक थाने पहुंचकर दी तहरीर में बताया कि उनके पुत्र आयुष मलिक का मतांतरण कराने में केवल युवती चांदनी कुरैशी नहीं, बल्कि उसकी बहन राहिल कुरैशी, सुमायला कुरैशी, राबिया कुरैशी, भाई आस मोहम्मद उर्फ आसू कुरैशी, पिता इस्लाम कुरैशी, सलीम उर्फ भोला और हुमा कुरैशी के साथ मिलकर साजिश रची थी।
इस साजिश में आजाद चौक स्थित कादियां मस्जिद के पास निवासी मुनव्वर मौलवी और दो अन्य अज्ञात मौलवियों को शामिल किया गया। इन सभी ने मिलकर आयुष पर मानसिक दबाव बनाया और उसे इस्लाम धर्म अपनाने पर मजबूर कर दिया। चार वर्ष पूर्व चांदनी कुरैशी के साथ फर्जी निकाहनामा भी जबरन लिखवाकर तैयार करा लिया गया, जिसकी आड़ में आरोपित लगातार उनके रुपयों की वसूली कर रहे हैं।
पीड़ित परिवार का दावा है कि जब उन्हें मतांतरण की सूचना मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया। अब आरोपित पक्ष उनके पूरे परिवार पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बना रहे हैं। मुस्लिम न बनने पर हत्या की धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर युवती और उसके परिवार के छह लोगों, तीन मौलवी समेत कुल 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने इस प्रकरण में दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।


