हिंदू पंचांग के अनुसार 25 जुलाई से भगवान विष्णु योग निद्रा में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत मानी जाएगी, जिसके दौरान अगले चार महीनों तक विवाह सहित कई मांगलिक कार्य पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नहीं किए जाते।
धार्मिक मान्यता है कि चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निद्रा में रहते हैं। इस अवधि में शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ एवं मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है। हालांकि पूजा-पाठ, जप, तप, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है।
चातुर्मास समाप्त होने पर भगवान विष्णु के जागरण के साथ मांगलिक कार्यों की पुनः शुरुआत होती है। इस अवधि को आध्यात्मिक साधना, संयम और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

