दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत की दर्दनाक घटना के बाद नोएडा में भी होटल, गेस्ट हाउस और पीजी संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
इसी क्रम में कोनरवा (कंफेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी और पुलिस प्रशासन को पत्र भेजकर शहर में संचालित सभी होटल, गेस्ट हाउस और पीजी संस्थानों का व्यापक सर्वे, औचक निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है।
कोनरवा अध्यक्ष डॉ.पीएस जैन, संयोजक बीबी वलेचा और महासचिव राजीव गर्ग ने कहा कि कई स्थानों पर स्वीकृत क्षमता से अधिक कमरे बनाकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ऐसे संस्थानों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वे स्वीकृत नक्शे और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही चल रहे हैं।
संगठन ने संकरी गलियों में संचालित होटल पीजी को भी बड़ा खतरा बताया। उनका कहना है कि आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस के पहुंचने में देरी जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए ऐसे संस्थानों की विशेष समीक्षा की जानी चाहिए।
पत्र में अग्निशमन विभाग की एनओसी, फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और नियमित माक ड्रिल की भी जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही पीवीसी पैनलिंग, लकड़ी के पार्टिशन जैसी ज्वलनशील निर्माण सामग्री के उपयोग पर नियंत्रण तथा एयर कंडीशनर, वायरिंग, जनरेटर और विद्युत उपकरणों के नियमित तकनीकी परीक्षण पर भी जोर दिया गया है।
कोनरवा ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।


