अन्नामलाई ने BJP से दिया इस्तीफा? अमित शाह से मुलाकात के बाद सस्पेंस तमिलनाडु में सियासी हलचल

के. अन्नामलाई बीजेपी में है या नहीं? ये वो सवाल है, जो सभी के मन में कौंध रहा है। खबरें चलीं कि पार्टी से नाराजगी के चलते कल उन्होंने इस्तीफा दे दिया और नई पार्टी बनाने की बात चर्चा में आई।

जब ऐसा लग रहा था कि तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई पार्टी छोड़कर अपनी अलग राजनीतिक यात्रा शुरू करने के लिए तैयार हैं ठीक उसी समय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई तो उनके इस्तीफे की पिक्चर भी क्लियर होती दिखी।

अन्नामलाई की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात

अन्नामलाई मंगलवार को दिल्ली आए और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब इस बात को लेकर जोरदार अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह पार्टी से इस्तीफा देने और आने वाले महीनों में तमिलनाडु में एक नया राजनीतिक दल बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

बीजेपी नहीं चाहती कि अन्नामलाई पार्टी छोड़ें

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बीजेपी आलाकमान अभी उन्हें पार्टी छोड़कर जाने देने के लिए तैयार नहीं है। इसके अलावा, भले ही अन्नामलाई दिल्ली में ही डेरा डाले हुए हैं, लेकिन सूत्रों ने यह भी बताया है कि उन्होंने अभी तक पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है।

अमित शाह से मुलाकात के बाद नरम पड़े

भाजपा से इस्तीफा देने पर अड़े अन्नामलाई अमित शाह से मिलने के बाद नरम पड़ गए हैं। अब उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी, उसके बाद ही वे इस्तीफे को लेकर अंतिम फैसला करेंगे। इस बीच तमिलनाडु के भाजपा नेताओं से अन्नामलाई की नाराजगी को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन को दिल्ली बुला लिया गया है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अमित शाह और अन्नामलई के बीच विजय की ऐतिहासिक जीत के बाद तमिलनाडु की राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की राजनीति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

अन्नामलाई ने अमित शाह के सामने खुलकर रखी बात

चर्चा के दौरान अन्नामलाई ने पार्टी से अलग होकर कोयंबटूर से एक बड़ा जनसंपर्क अभियान शुरू करने के बारे में बताया। सूत्रों के अनुसार इस पर अमित शाह ने कहा कि यह जनसंपर्क अभियान भाजपा के बैनर तले भी हो सकता है और यह ज्यादा प्रभावशाली होगा। लेकिन अन्नामलई ने प्रदेश भाजपा नेताओं के एआईडीएमके और डीएमके के साथ भीतरी गठजोड़ का हवाला देते हुए कहा कि वे इसे सफल नहीं होने देंगे।

इसके जवाब में अमित शाह ने अन्नामलाई को केंद्रीय संगठन की ओर से पूरी तरह से सहयोग और प्रदेश नेताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किये जाने का भरोसा दिया। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने मीडिया में चल रहे अन्नामलाई की ओर से नितिन नवीन को सौंपे गए पांच पन्नों के इस्तीफे से भी इनकार किया।

बताया जा रहा है कि नितिन नवीन और बीएल संतोष दोनों के साथ मुलाकात में अन्नामलाई ने मौखिक रूप से इस्तीफे की बात जरूर की थी। लेकिन दोनों नेताओं ने उन्हें अमित शाह से मुलाकात के बाद ही कोई फैसला लेने का अनुरोध किया था।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद तय होगा आगला कदम

अन्नामलाई के तेवर नरम पड़ने के बाद भाजपा में उनके दायित्व को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। इनमें दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से लेकर केंद्रीय संगठन में अहम पद देने की बात की जा रही है। लेकिन यह प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुलाकात के बाद ही तय होगा।

ध्यान देने की बात है कि अन्नामलाई विधानसभा चुनाव के पहले एआईएडीएमके के साथ गठबंधन के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने और निर्णय प्रक्रिया से किनारा किये जाने को लेकर नाराज चल रहे थे। एआईडीएमके के साथ गठबंधन से पहले अन्नामलाई को हटाकर नयनार नागेंद्रन को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *