बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर रोहन चंद्रा पर अपने माता-पिता की हत्या का आरोप है। इस साल फरवरी में पुलिस ने HAL टाउनशिप के पास विज्ञान नगर स्थित विला में रिटायर्ड नेवी कैप्टन नवीन चंद्रा भट और उनकी पत्नी श्यामला भट को मृत पाया था।
दोनों के शारीर पर चाकू घोंपने के निशान थे। पड़ोसी डॉ. माधवी नायर, ने घायल दंपति को अस्पताल पहूंचाया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
रिपोर्ट ने खोला राज
घटना के तुरंत बाद श्यामला भट के बयान के आधार पर पुलिस ने रोहन को सिजोफ्रेनिया और एंग्जायटी का रोगी मानते हुए NIMHANS में भर्ती कराया। एक सप्ताह की निगरानी और इलाज के बाद डॉक्टरों ने रोहन को पूरी तरह स्वस्थ बताया।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सैदुलु अदावत ने बताया, ‘डॉक्टरों ने कहा कि रोहन में तनाव, एंग्जायटी या सिज़ोफ्रेनिया का कोई लक्षण नहीं है। जिसके बाद हमें पूछताछ और अदालती कार्यवाही की हरी झंडी मिली थी।’
हत्या के पीछे की वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि रोहन अमेरिका से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में मास्टर्स कर चुका था और अपना AI टूल्स आधारित स्टार्टअप शुरू करना चाहता था। इसके लिए उसने माता-पिता से 10 लाख रुपये की मदद मांगी, जिसे उन्होंने नौकरी करने की सलाह देते हुए मना कर दिया।
दूसरा विवाद मोबाइल नंबर को Jio से Airtel में पोर्ट करवाने को लेकर था। रोहन लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे नंबर को बदलना चाहता था, लेकिन पिता ने इजाजत नहीं दी।
11 फरवरी को इस बात पर हुई तेज बहस ने खूनी रूप ले लिया।
मजबूत सबूतों के साथ चार्जशीट
मामले में पुलिस ने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 40 गवाहों के बयान और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट शामिल हैं।
फॉरेंसिक रिपोर्ट में रोहन के कपड़ों पर मिले खून के धब्बे उसके माता-पिता के ही बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह सबूत रोहन को हत्यारा साबित करने के लिए काफी हैं।


