साइबर सिटी में स्वच्छता सर्वेक्षण पूरा, अब रैंकिंग पर टिकी नजर; इन 5 कमियों में सुधार से बदलेगी शहर की तस्वीर

साइबर सिटी में स्वच्छता सर्वेक्षण की मैदानी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब शहर की नजरें रैंकिंग रिपोर्ट पर टिक गई हैं। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की टीम ने एक सप्ताह तक शहर के विभिन्न हिस्सों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था, कूड़ा प्रबंधन, जनसुविधाओं और नागरिक सहभागिता का गहन मूल्यांकन किया।

टीम ने बाजारों, आवासीय क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों और कूड़ा निस्तारण केंद्रों का निरीक्षण करने के साथ लोगों से सीधे फीडबैक भी लिया तथा वीडियो और फोटोग्राफी के जरिए जमीनी हालात दर्ज किए। स्वच्छता सर्वेक्षण (सरकार जिसे अब स्वच्छ सर्वेक्षण कहती है) के दौरान कई ऐसी खामियां सामने आई हैं, जो गुरुग्राम की रैंकिंग की राह में बाधा बन सकती हैं।

हालांकि नगर निगम ने पिछले एक वर्ष में सफाई व्यवस्था सुधारने और कूड़ा निस्तारण की दिशा में कई कदम उठाए हैं, लेकिन उनका प्रभाव रैंकिंग में कितना दिखाई देगा, यह रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

बता दें कि गुरुग्राम वर्ष 2022 में 19वें स्थान तक पहुंचने के बाद 2023 में 140वें स्थान पर फिसल गया था, जबकि 2024 में 41वीं रैंक हासिल कर कुछ सुधार दर्ज किया। इसके बावजूद गुरुग्राम अब तक देश के शीर्ष-10 सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी जगह बनाने में सफल नहीं हो सका है।

इन कमियों को सुधारने से बेहतर होगी रैंकिंग

  • बाजारों में डस्टबिन : 21 से ज्यादा सेक्टरों में बड़े मार्केट में डस्टबिन की व्यवस्था। सदर बाजार में सुबह के अलावा शाम को भी हो सफाई, हर गली में रखे जाएं डस्टबिन।
  • कूड़ा सेग्रीगेशन : सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग घर से हो। गील से कंपोस्ट और सूखे कूड़े का निस्तारण।
  • डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन : सौ प्रतिशत कूड़ा उठान। फिलहाल यह लगभग 70 प्रतिशत है।
  • बंधवाड़ी लैंडफिल पर कूड़े का पहाड़ : 16 लाख मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण कर लैंडफिल की जमीन खाली हो।
  • सीएंडडी वेस्ट : सड़कों से मलबे का उठान और निस्तारण।

आठ माडल शौचालय बन रहे, पुराने 130 की हालत खराब

नगर निगम गुरुग्राम द्वारा आठ नए माडल शौचालय बनाएं जा रहे हैं। लेकिन 130 पुराने कम्युनिटी और पब्लिक टायलेट के रखरखाव के नाम पर सिर्फ भारी-भरकम बिल बनाएं जा रहे हैं। सेक्टर 15, झाड़सा चौक हाईवे किनारे, बसई, ओल्ड जेल क्षेत्र सहित कई जगह बने शौचालयों की हालत ठीक नहीं है। इसका असर स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग पर पड़ेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • 1200 टन कूड़ा गुरुग्राम में प्रतिदिन निकलता है।
  • 900 से एक हजार टन कूड़ा फरीदाबाद से बंधवाड़ी में पहुंच रहा है।
  • 10 से ज्यादा एजेंसियां गुरुग्राम में कूड़ा उठान, सफाई कार्य में लगी है।
  • 210 से ज्यादा गारबेज वर्नेबल प्वाइंट गुरुग्राम में बने हुए हैं।

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