खुफिया एजेंसियों की जिले पर नजर, खंगाला जा रहा आतंकियों का नेटवर्क

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 पश्चिम उत्तर प्रदेश आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने वालों के लिए ठिकाना बन रहा है। देश विरोधी गतिविधियों और पाक समर्थित टेरर नेटवर्क को लेकर खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद पश्चिम में हाईअलर्ट है और आइएसआइ से जुड़े एजेंट को गिरफ्तार किया जा रहा है। तीन सालों में आइएसआइ कमांडर ने 50 से अधिक एजेंटों को तैयार किया। पश्चिम यूपी से तीन सालों में अभी तक 10 आइएसआइ एजेंट गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें पांच शामली के मूल निवासी हैं। अन्य की तलाश में सुरक्षा एजेंसी लगी हुई हैं।

हाल ही में सहारनपुर और पंजाब, राजस्थान दिल्ली में छापेमारी के दौरान भी 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर आइएसआइ के लिए कार्य करने का आरोप है। आइएसआइ कनेक्शन को लेकर कैराना लंबे समय से बदनाम है। कैराना निवासी इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा और हमीदा बानो 90 के दशक में पाकिस्तान फरार होने के बाद आइएसआइ में शामिल हो गए थे। कुछ साल बाद उन्हें आइएसआइ में कमांडर बना दिया गया था।

फिलहाल आइएसआइ कमांडर भारत में अपने एजेंटों को धन, हथियार का लालच देकर तैयार कर रहे हैं। लगातार हो रही गिरफ्तारी के चलते शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिला संवेदनशील श्रेणी में शामिल है। यहां खुफिया विभाग, सुरक्षा एजेंसियों को विशेष अलर्ट किया गया। अगस्त 2023 में आइएसआइ एजेंट कलीम को गिरफ्तार किया गया, जो पूर्व में पाकिस्तान की जेल में भी रहकर आया था। इसके बाद जनवरी 2024 में कलीम के सगे भाई तहसीम उर्फ मोटा को भी आइएसआइ एजेंट होने के गंभीर आरोपों में दबोचा गया।

18 मई 2025 को कैराना निवासी नोमान को हरियाणा की सीआइए टीम ने आइएसआइ एजेंट के रूप में काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया। वहीं नवंबर 2025 में झिंझाना के रहने वाले आजाद शेख को गुजरात एटीएस ने पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी करने के आरोप में जेल भेजा था। अभी हाल ही में 24 मार्च 2026 को गाजियाबाद की विशेष टीम ने बाबरी थाना क्षेत्र के गांव बुटराड़ा निवासी समीर पुत्र शहजाद को देश विरोधी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया।

हाल ही में सहारनपुर से चार और दिल्ली एनसीआर, पंजाब और राजस्थान से कुल आठ आइएसआइ एजेंट को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपित आइएसआइ कमांडर शहजाद भट्टी गिरोह से जुड़कर देशविरोधी गतिविधि में शामिल रहे। लगातार शामली आइएसआइ कनेक्शन को लेकर चर्चाओं में रहा है। ऐसे में छापेमारी के बीच शामली में खुफिया विभाग और सुरक्षा एजेंसी को अलर्ट किया गया।

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