‘धनुषाकार’ गर्डर वाला नकहा ओवरब्रिज लोगों को आकर्षित कर रहा है। आने-जाने वाले लोगों की नजरें बरबस ‘धनुषाकार’ पर उठ जा रही हैं। आंखें उसकी बनावट पर ठिठक जा रही हैं। रात के समय का दृश्य और मनमोहक हो जा रहा। नकहा ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा होते ही लोगों के लिए दोनों लेन खोल दिए गए हैं। सोनौली हाइवे के बरगदवां तिराहा से फर्टिलाइजर और स्पोर्ट्स कालेज आवागमन के लिए इसके साथ ही लाखों लोगों का आवागमन सुगम हो गया है। लोग अब समय से गंतव्य पर पहुंचने लगे हैं।
रेलवे प्रशासन के अनुसार ओवरब्रिज पर स्टील के गर्डर लगाने के कार्य पूरे कर लिए गए हैं। 15 मई को ही कार्य पूरा कर ब्लाक समाप्त कर दिया गया। इस रोड ओवर ब्रिज के रेलवे हिस्से में दो अलग-अलग कैरिज वे शामिल हैं। ओवरब्रिज पर 760 मीट्रिक टन वजन के 72 मीटर लंबे धनुष आकार स्टील गर्डर स्थापित की गई है।
प्रत्येक में एक 72 मीटर लंबा धनुष आकार स्टील गर्डर स्पैन और एक 36 मीटर कंपोजिट स्टील गर्डर स्पैन लगाए गए हैं। ओवरब्रिज के खुल जाने से लोगों को जाम से मुक्ति मिल गई है। समपार फाटक पर 24 घंटे जाम की स्थिति बनी रहती थी। आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती थी।
पूर्वोत्तर रेलवे में समपार फाटकों को युद्धस्तर पर बंद किया जा रहा है। फाटकों पर आरओबी (रोड ओवरब्रिज) और यूआरबी (अंडर रोडब्रिज) बनाए जा रहे हैं। पिछले पांच वर्ष में लगभग 450 समपार फाटक बंद किए जा चुके हैं।
इन वर्षों में समपार फाटकों पर एक भी दुर्घटना नहीं हुई है। दरअसल, समपार फाटक आए दिन क्षतिग्रस्त होते रहते हैं। तेज गति वाहन क्रासिंग को तोड़ देते हैं तो अक्सर भारी वाहन क्रासिंग पर पहुंचकर बंद हो जाते हैं। ट्रेनों का संचालन प्रभावित तो होता ही है, फाटक से होकर आवागमन करने वाले लोग भी परेशान होते हैं।


