शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल गणेश चौराहा से यूनिवर्सिटी चौराहा और अलंकार ज्वेलर्स से डीएम आवास होते हुए हरिओम तिराहा तक की सड़क 15 महीने में स्मार्ट बन जाएगी। करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना का निर्माण कार्य अगले साल सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। टेंडर जारी करने के साथ नगर निगम की ओर से इसकी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
करीब 1640 मीटर लंबी इस स्मार्ट सड़क परियोजना के तहत आधुनिक शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क के दोनों किनारों पर बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था, आधुनिक स्ट्रीट लाइट, फुटपाथ और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह होगी कि बिजली के तार पूरी तरह अंडरग्राउंड किए जाएंगे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा और सड़क का स्वरूप भी बेहतर दिखाई देगा।
परियोजना में गणेश चौराहा से यूनिवर्सिटी चौराहा तक की कनेक्टिंग सड़क को भी शामिल किया गया है। वहीं अलंकार ज्वेलर्स से एचपी स्कूल, डीएम आवास होते हुए हरिओम नगर तिराहा तक पूरे मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। नगर निगम का दावा है कि स्मार्ट सड़क बनने के बाद अतिक्रमण पर नियंत्रण लगेगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी काफी हद तक सुधार होगा।
शहर में पहले से गोलघर से शास्त्री चौक तक स्मार्ट सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में नई परियोजना जुड़ने से पूरे गोलघर और आसपास के इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।
पांच साल तक देखरेख की जिम्मेदारी भी ठीकेदार की
नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि परियोजना पर लगभग 34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। निर्माण कार्य 15 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण एजेंसी को सड़क बनने के बाद पांच वर्ष तक उसके रखरखाव और देखरेख की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।


