इलाहाबाद हाई कोर्ट के विभिन्न अधिवक्ता संगठनों ने सभी जिला अदालतों में गहन जांच पड़ताल के बाद एडवोकेट रोल तैयार कर लागू करने की मांग की है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली से आग्रह किया है कि हाई कोर्ट की तरह सभी जिलों में एडवोकेट रोल लागू कर कड़ाई से पालन किया जाए। यह मांग भारत के मुख्य न्यायाधीश की अधिवक्ताओं पर टिप्पणी और फिर बार कौंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष सांसद मनन मिश्र के इस बयान के मद्देनजर की गई है कि 40 प्रतिशत अधिवक्ता फर्जी हैं।
इन्होंने की है मांग
प्रयागराज अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एनके चटर्जी, आदर्श अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सभाजीत सिंह, महासचिव पीयूष त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्षा पूजा मिश्रा, अधिवक्ता समन्वय समिति के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह ने बार कौंसिल अध्यक्ष के बयान के आधार पर जांच कराकर काली भेड़ें बाहर करने की मांग की।
…ताकि न्यायपालिका की गिरती साख बचाई जा सके
उन्होंने कहा कि फर्जी वकीलों के कारण नोबल प्रोफेशन की छवि धूमिल हो रही है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता व निष्पक्षता के लिए पंजीकृत वास्तविक अधिवक्ताओं को ही वकालत करने का अधिकार होना चाहिए। इसलिए हाईकोर्ट अपनी निगरानी में निष्पक्ष जांच कराए ताकि न्यायपालिका की गिरती साख बचाई जा सके।


