प्रखंड का क्षेत्र कृषि आधारित क्षेत्र है। जहां लगभग सभी काम खेती से ही होता है। पर, विडंबना यह है कि इस क्षेत्र के अधिकांश भूभाग मानसून के बारिश पर ही निर्भर है। इधर मानसून इस बार पहले आने की बात कही जा रही है दूसरी संभावना यह भी है कि इस बार बारिश कम होगी।
स्थानीय स्तर पर मानसून का इंतजार कर रहे किसान अब पंप सेट के सहारे धान की नर्सरी तैयार करने में जुट गए हैं। भगवान भरोसे होने वाली खेती में किसानों को काफी मेहनत और पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में समय हाथ से निकल नहीं जाए। इसकी चिंता किसानों को रहती है।
सोमवार की शाम को मौसम बदल गया
इधर बीते सोमवार की शाम को मौसम बदल गया था। बूंदाबांदी भी हुई। जोर की हवा भी चली पर बारिश नहीं हुई। मंगलवार को भी उमस और गर्मी ने पीछा नहीं छोड़ा। बीते कुछ दिन पहले मौसम विभाग के तरफ से बारिश को लेकर अलर्ट किया गया था।
बारिश भी हुई। पर, तापमान बढ़ने के कारण गर्मी और धूप की तल्खी भी कम नहीं रही। आसमान में कभी कभार बदला जरूर नजर आए। पर, धूप में इतनी तेजी थी कि आसमान से आग बरस रही है। जिसे सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को है। क्योंकि, स्कूलों में अभी पठन-पाठन का काम चल रहा है।
गर्मी की छुट्टी कई स्कूलों में अभी नहीं हुई
गर्मी की छुट्टी कई स्कूलों में अभी नहीं हुई है। इधर बारिश के इंतजार में लोग नर्सरी के लिए खेत तैयार करने में जुट गए हैं। उन्हें भी हल्की बारिश का इंतजार है। वैसे मानसून भी शीघ्र ही आएगा।
मौसम विभाग के तरफ से मानसून पहले आने के बारे में बताया गया है। जिससे किसान खुश हैं। तापमान की बात करें तो सोमवार का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया है। बीएओ प्रिंस कुमार ने बताया अभी नर्सरी तैयार करने में तेजी की जरूरत नहीं है। खरीफ मौसम अब शुरू होने वाला है। बारिश भी समय पर होगी।


