उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण के मामलों का सफलतापूर्वक पंजीकरण जारी है।
प्रदेश में अभी तक 4.42 लाख नए विवाह पंजीकृत हो चुके हैं, वहीं समान नागरिक संहिता लागू होने से पूर्व हुए 88 हजार पंजीकृत विवाह को स्वीकृति दी जा चुकी है।
विवाह-विच्छेद के 358 मामले पंजीकृत हुए हैं तो लिव इन के 89 मामले पंजीकृत किए गए हैं। चार जोड़ों को लिव-इन विच्छेद करने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में एक समान और पारदर्शी कानून सुनिश्चित करने के लिए 27 जनवरी, 2025 से समान नागरिक संहिता लागू की।
दान करती है। इसे उत्तराखंड समान नागरिक संहिता पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाता है। संहिता में धर्म छिपाकर विवाह करने, पूर्व विवाह छिपाकर विवाह करने व गलत जानकारी देकर लिव इन में रहने पर कठोर सजा का प्रविधान किया गया है।


