भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। लगातार तापमान 42 डिग्री के पार है। शनिवार को दैनिक जागरण की टीम ने शहर के सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर कूलरों का हाल जाना। सार्वजनिक स्थानों पर वाटर कूलर लगाने वाली नगर पालिका के दावे खोखले नजर आए।
शहर के अधिकांश स्थानों पर सामाजिक संस्थाएं और दुकानदारों ने ठंडे पानी की व्यवस्था कराई हुई है। जिससे आने जाने वाले राहगीरों को पानी की सुविधा मिल रही है। पानी खरीदकर पीने वाले राहगीरों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारी नेता संजय अग्रवाल ने बताया कि दो साल पहले राज्य सभा सांसद कांता कर्दम ने शहर के प्रमुख स्थानों पर लोगों की सहूलियत के लिए वाटर कूलर लगाए गए थे, लेकिन कुछ दिनों बाद ही बंद हो गए। इस मामले में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी दिया गया।
सीन एक
जागरण टीम जैसे ही पक्का बाग चौपला पहुंची तो हैरान कर देने वाला दृश्य दिखाई दिया। वाटर कूलर तो लगा हुआ है, लेकिन उसकी मशीन ही गायब थी। चौपला से निकलने वाले लोगों को पानी नहीं मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीन दो
पक्का बाग से स्वर्ग आश्रम रोड स्थित एकेपी कालेज के पास पहुंचे तो वाटर कूलर के बाहर ठेला लगा हुआ था, लेकिन वाटर कूलर बंद था। इस दौरान दिव्यांग कुलदीप कुमार की नजर पड़ी तो उनको पानी नहीं मिला। इसके बाद वह वहां से चले गए।
सीन तीन
अतरपुरा चौपला शहर का प्रमुख चौराहा है। एक तरफ गोल मार्केट तो दूसरी ओर रेलवे रोड है। चौपले पर लगा वाटर चालू मिला। जहां एक युवती प्यास बुझाने के लिए बोतल में पानी भर रही थी।


