बिहार में विक्रमशिला सेतु के बाद अररिया के परमान नदी पर बना झामटा-महिषाकोल पुल चर्चा में आ गया हैा।
साल 2022 में लगभग 7.32 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस पुल के एक मुख्य स्तंभ के धंसने से उसकी रेलिंग में दरारें आ गई हैं, जिससे पुल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। वहीं, अब इस पुल को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है।
पुल में आई खामी के खिलाफ में स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य में लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की।
इस दौरान लोगों ने कहा कि हम भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस पुल के इंजीनियर को निलंबित करो।


