उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बंद हुई फास्टैग से टोल वसूली, सामने आई वजह

आगरा के फतेहाबाद स्थित आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा के कंट्रोल रूम में आग लगने के बाद उसका असर उन्नाव जनपद के बांगरमऊ और हसनगंज टोल प्लाजा पर भी देखने को मिला।

कंट्रोल सिस्टम और सर्वर व्यवस्था प्रभावित होने से शुक्रवार रात को उन्नाव जिले के तीनों टोल प्लाजा पर फास्टैग सेवा बाधित रही। नेटवर्क और सर्वर डाउन होने से टोल कर्मचारियों में खलबली का माहौल बन गया। वही इस दौरान टोल पर जाम जैसी स्थिति भी बनती देखी गई।

आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे का टोल टैक्स का मुख्य कंट्रोल रूम आगरा के फतेहाबाद में है। जहां शुक्रवार शाम एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई है। आग लगने से पूरा कंट्रोल सिस्टम जलकर राख हो गया। जिससे उन्नाव जिले के बांगरमऊ हसनगंज व औरास टोल के फास्टैग स्कैनर ने भी काम करना बंद कर दिया।

वाहनों की लगी लंबी कतार

फास्ट टैग सेवा अचानक बंद हो जाने से टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें लगना शुरू हो गई। जिस पर वाहनों से कैश और यूपीआई के माध्यम से टोल शुल्क वसूला गया। कर्मचारियों ने वाहनों को बिना अधिक देर रोके निकासी कराई, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई।

दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ भारी वाहन भी सामान्य गति से गुजरते रहे। टोल आडिटर प्रशांत कुमार के अनुसार आग लगने से सर्वर चले गए। किसी का रुपया गलत न जाए इसके लिए यूपीआई माध्यम से पेमेंट लेकर वाहनों को निकाला गया।

बांगरमऊ टोल मैनेजर अजीत ने बताया कि सर्वर कनेक्टिविटी प्रभावित होने के कारण फास्टैग मशीनें रिस्पांस नहीं कर रही थीं। हालांकि वाहनों की संख्या सामान्य रहने से बांगरमऊ, हसनगंज और औरास टोल प्लाजा पर कहीं भी जाम जैसे हालात नहीं बने। यात्रियों को परेशानी न हो इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी लेन पर लगाया गया। कई वाहन चालकों ने यूपीआई से भुगतान कर टोल पार किया।

आगरा के फतेहाबाद स्थित एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा में बना मुख्य कंट्रोल रूम पूरे रूट के टोल संचालन और फास्टैग सर्वर व्यवस्था का केंद्र है। शुक्रवार को कंट्रोल रूम में एसी में शॉर्ट सर्किट होने से भीषण आग लग गई, देखते ही देखते सर्वर, कंप्यूटर और अन्य तकनीकी उपकरणों को अपनी चपेट में ले लिया।

आग लगने के बाद सर्वर नेटवर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया, जिससे उन्नाव के बांगरमऊ, हसनगंज और औरास टोल प्लाजा पर फास्टैग सेवा बाधित हो गई। तकनीकी खामी के चलते टोल कर्मचारियों को मैनुअल तरीके से कैश और यूपीआई के माध्यम से शुल्क वसूलना पड़ा। हालांकि इससे टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें लगने लगी। जिससे जाम जैसी स्थिति रही।

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