हापुड़ जिले में वक्फ बोर्ड के पास बेसकीमती संपत्तियां हैं। इनमें से ज्यादातर प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं। हालांकि, ज्यादातर पर कब्जे किए हुए हैं।
दबंगों ने बोर्ड की इन संपत्तियों को कब्जा लिया है। वक्फ बोर्ड की इंतजामियां समितियों में रहे पदाधिकारियों पर भी कब्जा करने और कराने के आरोप लगते रहे हैं। इनमें से कई संपत्तियों को लेकर न्यायालयों में विवाद चल रहे हैं।
पिछले साल संसदीय समिति ने शासन को एक पत्र भेजा था। जिसमें वक्फ की संपत्तियों की मौजूदा स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी गई थी। जिसके बाद शासन ने सभी जिलों को इस रिपोर्ट को तैयार कर गुप्त रखते हुए भेजने के निर्देश दिए थे।
अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट बनाकर सौंपी
शासन का पत्र मिलने के बाद जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों से रिपोर्ट मांगी थी। इसमें, हापुड़, धाैलाना और गढ़मुक्तेश्वर तहसील के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट बनाकर सौंपी थी। इस कार्य में अल्पसंख्यक विभाग का भी सहयोग लिया गया था।
रिपोर्ट में बताया गया है कि तहसील के दफा 37 के रजिस्टर में 965 वक्फ की संपत्ति दर्ज हैं। इनमें से सिया की मात्र सात हैं, बाकी सुन्नियों की हैं। इसमें ईदगाह, मजार आदि की संपत्ति शामिल हैं।
जिले में वर्क बोर्ड की 1839 संपत्तियां
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, धौलाना और हापुड़ में सबसे अधिक वक्फ की संपत्ति हैं। हालांकि, शासन के उम्मीद पोर्टल के मुताबिक, जिले में वर्क बोर्ड की 1839 संपत्तियां हैं।
- वक्फ बोर्ड की निरस्त संपत्ति – 345
- शिया 23 – 15 निरस्त
- सुन्नी 1816 – 330 निरस्त
- हापुड़ में वक्फ बोर्ड की कुल संपत्ति – 1839


